नगर की युवती उमा पर स्वयं संसाधनों का अभाव है लेकिन सेवा करने का जुनून है कि स्वयं सिलाई कढ़ाई का प्रशिक्षण लेकर वह अब गरीब युवतियों को प्रशिक्षित कर रही हैं।
इंटर तक शिक्षित तीस वर्षीय छात्रा उमा मध्यमवर्ग के परिवार से वास्ता रखती है। वह नगर के वैद्य दिनेश चंद्र की पुत्री है। वर्ष 2011 में समाज कल्याण विभाग से उन्होंने सिलाई, कढ़ाई का प्रशिक्षण प्राप्त किया। विभाग से ही उनको एक मशीन और 450 रुपये आर्थिक मदद के रूप में मिले। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्होंने अपने हुनर को अपनी पहचान बनाया। अपने इस हुनर के बाद वह न केवल परिवार का सहारा बनी बल्कि उन्होंने ऐसी बालिकाओं को प्रशिक्षित करने का मन भी बनाया जो आर्थिक रूप से कमजोर है और संसाधनों के अभाव में वह प्रशिक्षण नहीं प्राप्त कर पा रही। मामो, नमैनी, गोरहा में सैकड़ों आर्थिक रूप से कमजोर बालिकाओं को प्रशिक्षित करने के बाद अब उन्होंने कासगंज में नि:शुल्क सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण शिविर लगाया है। यहां वह आर्थिक रूप से कमजोर बालिकाओं को प्रशिक्षित कर रही हैं। वह 20 से अधिक युवतियों को सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण दे रही हैं।