एटा। करीब 13 साल पुराने गैंगस्टर एक्ट का आरोपी फरार चल रहा है। अदालत में हाजिर न होने पर जमानतदारों पर शिकंजा कसा गया। जमानत लेने वाले दो लोगों पर 30 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।
कोतवाली देहात पुलिस ने 2012 में ज्ञानेंद्र, विमलेश आदि के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की। इन्हें जेल भेजा गया। इनके परिचित राजपाल और मनीषा ने विमलेश की जमानत ली। इसके कुछ समय बाद ही विमलेश फरार हो गया और अदालत में तारीखें करने नहीं आया। इस पर अदालत ने जमानतदार राजपाल और मनीषा के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत करा दिया।
लंबे समय चले इस मुकदमे में जमानतदारों ने रविवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अलालत में तर्क दिया कि आरोपी फरार चल रहा है और उसकी तलाश व गिरफ्तारी के तमाम प्रयास विफल रहे हैं। उन्होंने कम से कम धनराशि जमा कराए जाने की गुहार लगाई। इस पर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सारिका गोयल ने 15-15 हजार रुपये की धनराशि जमा करने का आदेश दिया। धनराशि जमा किए जाने पर उनके दायित्वों से मुक्त कर दिया गया।