एटा। हिन्दुस्तान यूनिलीवर में स्थायी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 15 युवाओं से करीब 25 लाख रुपये ठग लिए गए। आरोपियों ने खुद को कंपनी का एचआर मैनेजर और अधिकारी बताकर सिक्योरिटी मनी व मेडिकल के नाम पर रकम ली। युवाओं को फर्जी नियुक्ति पत्र, ऑफर लेटर और आईकार्ड भी दिए। नौकरी नहीं मिलने पर ठगी का पता चला। रुपये वापस मांगने पर आरोपियों ने कथित तौर पर धमकी दी। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मलावन थाना क्षेत्र के गांव बढ़ैपुरा निवासी नितिन कुमार शर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी मुलाकात अमित कुमार से हुई थी। अमित ने खुद को कासगंज रोड स्थित हिन्दुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड का सहायक एचआर मैनेजर बताया। फरवरी 2024 में उसने रविकांत और हितेश से मुलाकात कराई। आरोप है कि दोनों ने खुद को कंपनी का एचओडी और सहायक एचओडी बताकर नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। आरोपियों ने बड़े पदों के लिए दो लाख और छोटे पदों के लिए एक लाख रुपये सिक्योरिटी मनी मांगी। यह रकम दो साल के लिए जमा कराने की बात कही गई। नितिन का आरोप है कि उसने अपने रिश्तेदारों और 14 अन्य युवाओं के साथ मिलकर वर्ष 2024 से 2026 के बीच नकद, फोनपे और बैंक खातों के जरिये 16.80 लाख रुपये दिए। इसके बाद मेडिकल के नाम पर 3.20 लाख रुपये और वसूले गए।आरोप है कि वर्ष 2025 में रविकांत का स्थानांतरण होने के बाद विक्रम सिंह ने एचओडी का कार्यभार संभाला। उसने हितेश के साथ मिलकर सिक्योरिटी मनी के नाम पर पांच लाख रुपये और ले लिए। पीड़ित पक्ष के मुताबिक कुल 25 लाख रुपये दिए गए, लेकिन किसी को नौकरी नहीं मिली।
आधार-पैन के दुरुपयोग की धमकी
नौकरी नहीं मिलने पर युवाओं ने कंपनी से संपर्क किया तो कथित तौर पर पता चला कि रकम कंपनी में जमा ही नहीं कराई गई थी। रुपये वापस मांगने पर आरोपी टालमटोल करने लगे। नितिन का आरोप है कि शिकायत करने की बात कहने पर अमित, रविकांत और हितेश ने लिए गए आधार कार्ड और पैन कार्ड का दुरुपयोग कर आपराधिक मामले में फंसाने और जेल भिजवाने की धमकी देते हुए गाली-गलौज की। इसके साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी।