कासगंज। हजारा नहर पर घूमने आए एक ही परिवार के चार चचेरे भाई नहर में
नहाते समय डूब गए। जिसमें से दो किशोरों को चीख पुकार मचने पर पास के ही
खेत में कार्य करने वाले ग्रामीणों ने बचा लिया जबकि दो युवकों क ो दो घंटे
की कवायद के बाद निकाला जा सका। जिन्हें चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
चारों युवक सैर सपाटा करने हजारा नहर पर पहुंचे वहां फोटो शूट कर रहे
थे तभी नहाने के लिए नहर में कूदे इसी बीच युवक नहर में गड्ढा होने के कारण
डूबने लगे। एक-एक कर सब एक दूसरे के पीछे डूबने लगे। इस दौरान युवकों की
चीखपुकार मचने पर खेताें में कार्य कर रहे ग्रामीण मौके पर आ गए। जिसमें से
समीर(16), फैजान(14) को ग्रामीणों ने बचा लिया। दो युवकों का पता नहीं लग
सका।
सुनील और फैजान ने हादसे की सूचना परिवारीजनों को दी। सूचना पर मारहरा
से लोग आए। मीडिया कर्मियों ने जब प्रशासन को सूचना दी तो पुलिस प्रशासन
टीम हरकत में आई। तेजी से टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू कर दिया
और नहर में लापता हुए युवक असलम उर्फ मुन्ना, मोहम्मद इमरान पुत्र
निजामुद्दीन क ो गोताखोरों ने निकाला। युवकाें को तत्काल ही चिकित्सालय ले
जाया गया जहां चिकित्सकों ने दोनेां को मृत घोषित कर दिया। परिवारीजन
युवकों के शव मारहरा ले गए। मौत के बाद युवकों के परिवार में चीत्कार मच
गया। कोतवाली प्रभारी विजय बहादुर सिंह ने बताया कि दोनो युवकों की मौत हो
चुकी थी।
आए दिन होते है हादसे, नहीं सुरक्षा के इंतजाम
हजारा
नहर पर झाल का पुल आकर्षण का केंद्र है। यहां लोग सैर सपाटे के लिए पहुंचते
हैं। स्नान के लिए भी तमाम लोग आते हैं। आए दिन सैर सपाटे पर आने वाले
लोगों के साथ नहर में डूबने के हादसे हो जाते हैं लेकिन इलाके में सुरक्षा
के इंतजाम और न ही वहां कोई पुलिस टीम तैनात है। गुरुवार को इस हादसे के
दौरान भी कुछ ऐसा ही हुआ। हादसा होने के बाद काफी देर बाद भी पुलिस को कोई
सूचना नहीं थी। यदि यहां सुरक्षा गार्डों की तैनाती होती तो समय से सूचना
मिल पाती।