एटा। जैथरा कस्बे में चने से भरा ट्रक पकड़ा गया। जांच-पड़ताल के लिए चार विभागों के अफसर दो दिन जुटे रहे। हैरत की बात है कि इनमें से कोई चने के मालिक का पता नहीं लगा सका। किसी के नाम सैंपल लिए गए तो किसी के नाम जुर्माना कर दिया गया। बाद में प्रशासन ने ट्रक सहित माल की सुपुर्दगी भी चालक को दे दी। चने के साथ-साथ इस पूरी कार्रवाई पर भी सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।
बृहस्पतिवार शाम पुलिस ने बरना रोड से ट्रक पकड़ा था। इसमें चने की 160 बोरियां लदी थीं। जानकारी पर पूर्ति विभाग और मंडी समिति की टीम मौके पर पहुंची और जांच की। आधी रात तक जांच चलती रही। अगले दिन शुक्रवार को भी जांच-पड़ताल जारी रही। इसके बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए।
इस बीच मंडी समिति की टीम को कर संबंधी मानकों में कमी दिखाई दी। चालक पर ही जुर्माना लगा दिया गया। माल मालिक के बारे में जानने की कोशिश नहीं की गई। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कस्बे के ही मोहल्ला बढ़ैयान निवासी धर्मेंद्र गुप्ता के नाम से चने के सैंपल लिए। विभाग का कहना है कि धर्मेंद्र ने अपना माल होने का दावा किया था। सवाल कुछ ही देर बाद फिर खड़ा हो गया, जब अफसरों ने ट्रक सहित चना भी इसके मालिक के बजाय चालक की सुपुर्दगी में दे दिया। एसडीएम अलीगंज प्रतीत त्रिपाठी का कहना है कि सभी विभाग अपने-अपने विभागीय नियमों के तहत कार्रवाई कर रहे हैं। जिसे जो कमियां मिलेंगी, कार्रवाई की जाएगी।