कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में संदिग्ध प्रमाणपत्रों वाली पांच शिक्षिकाओं को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में सत्यापन प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। सत्यापित न होने पर इनके विरुद्ध सेवा समाप्ति सहित अन्य कार्रवाई भी की जाएगी।
जिले में भी फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी पाने वालों की पोल खुलने लगी है। शासन के निर्देश पर जनपदीय कस्तूरबा स्कूलों में सेवारत 106 स्टाफ के प्रमाणपत्र चेकिंग में पांच मामले संदिग्ध मिले हैं। इनमें एक शिक्षिका की टीईटी प्रमाणपत्र साइट पर अंकित नहीं है।
वहीं चार के हाईस्कूल, इंटर प्रमाणपत्र प्रथमदृष्टया संदिग्ध प्रतीत हुए हैं। बीएसए संजय सिंह ने बताया कि सभी पांचों शिक्षिकाओं का मानदेय रोकते हुए एक सप्ताह में प्रमाणपत्रों की पुष्टि के निर्देश दिए गए हैं। इनमें अलीगंज, मारहरा, शीतलपुर केजीबीवी में एक एक व दो जलेसर की शिक्षिकाएं शामिल हैं।
जिले के दो शिक्षकों ने नौकरी के बाद बदला पैन, नोटिस जारी
नौकरी मिलने के बाद पैन (परमानेंट अकाउंटेंट नंबर) बदलने वालों में जिले के दो शिक्षक भी शामिल हैं। विभाग से मिली सूची के बाद बीएसए ने दोनों शिक्षकों को नोटिस जारी कर डबल पैन के प्रयोग पर स्पष्टीकरण मांगा है।
अवागढ़, जैथरा ब्लाक में सेवारत शिक्षकों ने दो पैन किए प्रयोग
फर्जी डिग्री, टैंपर्ड अंकपत्र के बाद अब पैन बदलने के मामले भी उजागर हो रहे हैं। एक ही पैन से गिरफ्त में आने के डर से लोग दूसरा पैन बनवा कर विभाग एवं आयकर विभाग की आंखों में धूल झोंक रहे हैं। आयकर विभाग के नोटिस के बाद प्रदेश स्तर पर चली जांच में 3342 लोग प्राथमिक शिक्षा के चिह्नित हुए हैं। इनमे जिले के दो शिक्षक भी शामिल हैं। बीएसए संजय सिंह ने इन दोनों शिक्षकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
बीएसए संजय सिंह ने बताया कि वित्त एवं लेखाधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि धर्मेंद्र सिंह, सहायक अध्यापक उप्रावि सलेमपुर, अवागढ़ एवं गजेंद्र सिंह सहायक अध्यापक गजेंद्र सिंह, प्रावि गढ़िया, जैथरा द्वारा दो अलग-अलग पैन का उपयोग किया गया है। दोनों को नोटिस जारी कर दो पैन के प्रयोग करने का कारण सहित जवाब मांगा गया है।