एटा। बीएसए द्वारा कराई जा रही जांच में फर्जीवाड़े की पर्तें खुलने लगी हैं। 2007 में औरेया में चयनित मीना के प्रमाणपत्रों के सहारे 2010 में एटा से आवेदन किया गया। मेरिट बढ़ाने के लिए हाईस्कूल और इंटर में अंक बढ़ाए गए थे। वहीं, नाम, पता, पिता का नाम, अनुक्रमांक, कॉलेज यहां तक कि एक ही पैन नंबर से दो जगह नौकरी का मामला अब शासन तक पहुंच गया है।
बीएसए संजय सिंह की ओर से कराई जा रही जांच में प्रथम दृष्टया मिल रही कमियों से फर्जीवाड़े की पोल खुल रही हैं। बीएसए संजय सिंह ने बताया कि उन्हीं प्रमाणपत्रों से 2007 में आवेदक ने औरेया में नौकरी पा ली। जबकि 2010 में जिले में किए आवेदन में मेरिट बढ़ाने के लिए हाईस्कूल-इंटर के अधिक अंकों की मार्कशीट लगाई गई है।
जबकि बीएससी व बीएड की मार्कशीट हूबहू है। सिंह ने बताया कि बोर्ड एवं संबंधित कॉॅलेज से अंकों एवं निवास प्रमाणपत्र का सत्यापन कराया जा रहा है। इससे ही असली और नकली का पता चल जाएगा।