जैन समाज द्वारा शहर में निकाली गई शोभायात्रा में शामिल महिलाएं व युवतियां।संवाद
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एटा। गणाचार्य विराग सागर महाराज के सानिध्य में श्री 1008 मज्जिनेंद्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा गजरथ महोत्सव का ध्वजारोहण रविवार को महावीर पार्क में किया गया। सुबह 7 बजे गणाचार्य विराग सागर ससंघ सहित श्रीजी की भव्य शोभायात्रा एवं घटयात्रा निकाली गई।
अरिहंत, सिद्ध आचार्य उपाध्याय साधु रेजीमेंट द्वारा गुरुदेव की शोभायात्रा बड़े दिगंबर जैन मंदिर से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए तीर्थकर महावीर पार्क पहुंची। यहां ध्वजारोहण और मंगल कलश की स्थापना के बाद द्वीप प्रज्ज्वलन किया गया। इसके बाद अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय, साधु रेजीमेंट द्वारा गुरुदेव को सलामी दी गई। शोभायात्रा में मंगल कलश और जैन धर्म की ध्वजा लेकर बैंड केे साथ चलने वालों ने गली-गली में धर्मगीतों से उत्साह का संचार कर दिया।
कार्यक्रम के दौरान गणाचार्य ने अपने उद्बोधन में कहा कि जीवन में जब पुण्य होता है तब कहीं तीर्थकर भगवान का पंचकल्याणक करने, कराने व भाग लेने का सौभाग्य प्राप्त होता है। वह प्राणी पुण्यशाली होते हैं जो ऐसे धर्म के कार्यों में अपने धन का सदुपयोग कर अपने जीवन में पुण्य का संचय कर लेते हैं। साथ ही जगत के प्राणियों का उद्धार करते हैं। शाम को महाआरती और सौधर्म इंद्र की सभा का आयोजन किया गया। 8 नवंबर को गणाचार्य का 30वां आचार्य पदारोहण दिवस एवं भव्य पिच्छिका परिवर्तन का आयोजन होगा।