अब अन्य चीजों के साथ आधार कार्ड भी व्यक्ति के जीवन में महत्वपूर्ण
हो गया है। जिले में एक प्राइवेट संस्था द्वारा जगह-जगह शिविर लगाकर कार्ड
बनाए जा रहे हैं, लेकिन इन्हें बनवाने में लोगों के पसीने छूट रहे हैं।
वहीं अन्य दिक्कतें भी आ रही हैं। अभी तक पूरी तरह लोगों के पास कार्ड नहीं
पहुंचे हैं। हालांकि अब तक सात हजार लोगों के आधार कार्ड बनाने की
प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
जनवरी माह से गैस सब्सिडी प्राप्त करने के लिए आधार कार्ड लगाना अनिवार्य
कर दिया गया है। यद्यपि आधार न होने पर भी विकल्प खुले रखे गए हैं, लेकिन
आम जनता को जानकारी न मिलने के कारण वह परेशान हो रहे हैं। वर्तमान में
जीटी रोड स्थित जेएलएन डिग्री कालेज परिसर में आधार कार्ड बनाए जाने के लिए
कैंप लगा हुआ है।
लोगों का आरोप है कि ऐसे उपभोक्ता जिनकी अंगुलियों के
निशान प्रिंट में नहीं आते अथवा ऐसी महिलाएं जिनके घर में कामकाज के चलते
अंगुलियों की रेखाएं समतल हो जाती हैं उनके भी निशान न आने से आधार कार्ड
नहीं बनाए जा रहे हैं। इसके चलते ऐसे लोग भटक रहे हैं।
दूसरी तरफ कोई शिकायत पुस्तिका भी नहीं है, जिस पर शिकायत दर्ज की जा सके।
पूर्व में तत्कालीन जिलाधिकारी जेपी त्रिवेदी ने आम जनता को जानकारी देने
के लिए पुलिस कार्यालय के समीप एक होर्डिंग लगवाया था, जिसमें जनसंख्या
प्राधिकरण के सभी पते व मोबाइल नंबर उपलब्ध थे। उनके स्थानांतरण पर जाने के
बाद वह होर्डिंग भी उतरवा दिया गया है। अभी तक बहुत से लोगों के आधार
कार्ड नहीं बन पाए हैं।
सेंटर इंचार्ज गौरव यादव निक्की ने बताया कि अंगुलियों के निशान न आने पर
आधार कार्ड नहीं बन सकता है। वहीं अब तक सात हजार लोगों के कार्ड बनाने की
प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। यह कार्ड बनकर बंगलूरू से आएंगे।