एटा। जिले में 576 ग्राम पंचायतों में से 136 ग्राम पंचायतें अपने यहां मनरेगा में कराए गए कार्य सहित अन्य कार्योँ का हिसाब-किताब नहीं दे रही हैं। इसी पर डीपीआरओ ने कड़ा रुख अपनाया है। कारण इन गांवों में पता ही नहीं चल पा रहा है कि कितने मनरेगा मजदूर काम पर लगाए गए और लगाए तो किस काम पर। वहीं अन्य जानकारियां भी नहीं मिल पा रही हैं।
बुधवार को जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक कुमार प्रियदर्शी ने बताया कि जिले की 576 ग्राम पंचायतों में से 136 ग्राम पंचायत ऐसी हैं जिन्होंने पंचायत भवन निर्माण हेतु मनरेगा आईडी जनरेट नहीं कराई है। जिन ग्राम पंचायतों ने आईडी जनरेट कराई भी है तो उसका मस्टरोल जारी नहीं कराया गया है।
जनपद के सभी आठ ब्लॉक में अलीगंज की 21 ग्राम पंचायत, अवागढ़ की 6, जैथरा की 19, जलेसर की 16, सकीट की 21, निधौली कलां की 9, मारहरा की 14 और शीतलपुर की 30 ग्राम पंचायतों ने मनरेगा की आईडी जनरेट व मस्टरोल जारी नहीं किया है।
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सभी आठ ब्लॉक के एडीओ पंचायत से मांगा तीन दिन के अंदर जवाब
सभी ब्लॉक द्वारा मस्टरोल जारी न करने व मनरेगा आईडी जनरेट न करने की वजह से डीपीआरओ ने अवागढ़ ब्लॉक के प्रभारी एडीओ पंचायत सुधाकर किशोर, सकीट के प्रभारी एडीओ पंचायत रामकृपाल, निधौली कलां के प्रभारी एडीओ पंचायत रामकुमार, अलीगंज के एडीओ पंचायत सतीश कुमार सिंह, मारहरा के प्रभारी एडीओ पंचायत अभय सिंह, शीतलपुर के एडीओ पंचायत एवरन सिंह, जैथरा के प्रभारी एडीओ पंचायत मुकेश कुमार और जलेसर के प्रभारी एडीओ पंचायत वीगेश कौशिक से तीन दिन के अंदर जवाब मांगा है। जवाब न देने पर कानूनी कार्यवाही की जाएगी।