एटा। जिला मुख्यालय स्थित प्रधान डाकघर पर आधार कार्ड बनवाने के लिए सुबह से ही लोगों की भीड़ लग जाती है। इस दौरान लोग सामाजिक दूरी और मास्क सहित अन्य गाइड लाइन तक भूल जाते हैं। वहीं डाकघर में ज्यादा भीड़ न हो, इसके लिए टोकन व्यवस्था की गई है। बुधवार को अंतिम टोकन 11 नवंबर का दिया गया।
किसी भी व्यक्ति को किसान सम्मान निधि पानी हो या फिर छात्रवृत्ति, धान बेचने के लिए पंजीकरण करना हो या फिर राशन लेना हो, इसके लिए आधार कार्ड जरूरी है। ऐसे में लोग सरकार की योजनाओं का लाभ पाने के लिए आधार कार्ड बनवाने के लिए परेशान हैं।
शहर में प्रधान डाकघर में एक दिन में केवल 30 लोगों के आधार कार्ड बनने के साथ उनमें संशोधन हो पा रहे हैं। वहीं नए आने वाले लोगों को टोकन दिया जा रहा है। यह व्यवस्था भी गत दिनों एएसडीएम अलंकार अग्निहोत्री के डाकघर के निरीक्षण के बाद बन पाई है।
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अलग काउंटर नहीं, युवतियां भी हो रहीं परेशान:-डाकघर में महिला-पुरुषों के लिए एक ही काउंटर है। यहां शहर के मोहल्ला होली निवासी इलिमा ने बताया कि वह कई दिन से डाकघर के चक्कर लगा रही है, उसका आधार कार्ड नहीं बना है, वहीं दूसरी किशोरी नीतू ने बताया कि वह छात्रवृत्ति के फार्म भरने के लिए आधार बनवाने आई है, उसे अभी तक आधार कार्ड बनकर नहीं मिला है।
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प्रतिदिन आते सौ से ज्यादा लोग:-डाकघर में प्रतिदिन सुबह सात-आठ बजे से ही लोग पहुंचाना शुरू हो जाते हैं। यहां हर रोज सौ से ज्यादा लोग पहुंचते हैं। इसमें से जिन पर टोकन होता है उनके आधार कार्ड नए बनाने के साथ संशोधन होता है, शेष को आगे की तारीखों के टोकन दे दिए जाते हैं।
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कराई गई पुलिस की व्यवस्था:-आधार कार्ड बनवाने आने वाले लोगों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पिछले बुधवार से यहां दो सिपाहियों की ड्यूटी लगाई गई है।
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डाकघर में हर रोज सौ से ज्यादा लोग आधार कार्ड बनवाने और संशोधन के लिए आ रहे हैं। एक ही काउंटर है, इस पर एक व्यक्ति की आंखों की पुतली, अंगुलियों के निशान और अन्य जानकारी भरने में कर्मचारी को बीस से पच्चीस मिनट लग जाते हैं, ऐसे में एक दिन में केवल तीस लोगों के आधार कार्ड बन पाते हैं। नए आने वाले लोगों को टोकन दिया जा रहा है। लोग इतने ज्यादा हैं कि 11 नवंबर तक की तारीख का टोकन देना पड़ रहा है।
- राम जनम राम, पोस्टमास्टर, प्रधान डाकघर