कोरोना जांच के लिए लोगों के न पहुंचने पर मेडिकल कॉलेज में खाली पड़ा सैंपल कक्ष ।संवाद
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एटा। कोरोना की चौथी लहर की आशंका लोगों को डराने लगी है। स्वास्थ्य महकमे से जुड़े अधिकारी लोगों को नियमों का पालन करने और सावधानी बरतने की नसीहत तो दे रहे हैं, लेकिन कोरोना संक्रमितों की जानकारी करने में ढिलाई बरती जा रही है। दिसंबर के मुकाबले जांचें एक चौथाई की जा रही हैं। ऐसे में संक्रमण की सही स्थिति सामने आने पर संदेह है। उधर, बाजारों से लेकर स्कूलों तक में लापरवाही देखने को मिल रही है। मास्क का प्रयोग नहीं किया जा रहा है।
दिसंबर में रोजाना 2500 जांचें, अब 600
दिसंबर में कोरोना केस मिलने का सिलसिला चल रहा था। इसे लेकर सावधानी बरतते हुए स्वास्थ्य महकमा रोजाना औसतन 2500 लोगों की जांचें कर रहा था। जबकि जनवरी में ये रोजाना औसतन 2000 रह गईं। मार्च में 1500 और अप्रैल में औसतन 600 लोगों की ही जांच रोजाना की जा रही हैं।
कोरोना की चौथी लहर की आशंका जताई जा रही है। इसे लेकर सभी को सावधान रहने तथा बचाव के सामान्य नियमों का पालन करने को कहा जा रहा है। अभी जिले में कोई सक्रिय केस नहीं है। लक्षण वाले लोगों की जांच कराई जा रही हैं। कोई मामला सामने आता है तो जांचें भी बढ़ाई जाएंगी। - डॉ. उमेश कुमार त्रिपाठी, सीएमओ