एटा। मनरेगा के तहत किसानों के खतों के समतलीकरण के लिए पैसा निकाला गया। कागजों में समतलीकरण कार्य हो भी गया लेकिन जमीन स्वामी किसानों को इसकी जानकारी ही नहीं। इस तरह के गोलमाल की शिकायत पर लोकपाल मनरेगा की जांच शुरू हो गई है। बीडीओ से जवाब मांगा गया है।
मारहरा ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत सूरतपुर माफी में यह खेल हुआ। यहां के रहने वाले प्रवीन कुमार बघेल ने लोकपाल में शिकायत की। इसमें बताया कि वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 में जिन लोगों के नाम जमीन दर्ज तक नहीं है उनकी कृषि भूमि का मनरेगा से समतलीकरण कार्य दिखाकर अवैध रूप से धनराशि निकाली गई। लोकपाल ने जांच शुरू की तो प्रारंभिक रूप से सामने आया कि 13 किसानों के नाम पर 487732 रुपये निकाले गए हैं।
इनमें से कुछ लोगों ने समतलीकरण की जानकारी होने से ही इन्कार कर दिया। बाकायदा इसके शपथ पत्र भी पेश किए हैं। ऐसे में समतलीकरण के लिए किए गए भुगतान की वसूली के लिए प्रक्रिया शुरू की गई है। लोकपाल ने बीडीओ मारहरा को पत्र जारी किया है कि 1 सितंबर तक अपनी जांच कर आख्या प्रस्तुत करें। न देने पर कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।