बुधवार को गल्ला मंडी समिति स्थित क्रय केंद्र पर छाया सन्नाटा
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एटा। सरकारी क्रय केंद्रों पर 80 दिन की खरीद में लक्ष्य का 31 प्रतिशत ही गेहूं खरीदा जा सका है। अब केवल 18 दिन बचे हैं। लेकिन केंद्रों पर सन्नाटा पसर गया है और आवक पूरी तरह ठप हो गई है। व्यापारियों ने गांव-गांव पहुंचकर गेहूं खरीद लिया। ऐसे में सरकारी लक्ष्य पूरा होना लगभग मुश्किल नजर आ रहा है।
जनपद में 3.80 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य मिला है। इसको पूरा करने के लिए 77 क्रय केंद्रों पर 17 मार्च से गेहूं की खरीद शुरू की गई। शुरूआती दौर में गेहूं का बाजार भाव 2450 से ऊपर चल रहा था जबकि समर्थन मूल्य 2425 रुपये प्रति क्विंटल है। गेंहू की कटाई के बाद भी बाजार भाव नीचे नहीं आया। बुधवार को गेहूं का बाजार भाव 2550 रुपये प्रति क्विंटल रहा। इसका असर साफतौर पर खरीद पर नजर आ रहा है।
जिले में अब तक 31 प्रतिशत यानी करीब 1.20 लाख मीट्रिक टन गेहूं की ही खरीद हो सकी है। अब क्रय केंद्रों पर गेहूं आना लगभग बंद हो गया है। बुधवार को केंद्रों पर सन्नाटा पसरा नजर आया। कर्मचारी गांवों में किसानों से संपर्क कर गेहूं खरीदने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन किसानों के पास गेहूं नहीं बचा है। व्यापारी किसानों के घरों से नकद मूल्य देकर गेहूं उठा ले गए। अभी 15 जून तक गेहूं की खरीद जारी रहेगी। ऐेसे में गेहूं मिल नहीं रहा है।