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Etah News: अरिंद नदी का जलस्तर बढ़ने से 5000 बीघा खेत जलमग्न

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अरिंद नदी का जल स्तर बढ़ने से निधौली कलां क्षेत्र के गांवों की फसल पानी से डूब गई है। किसान उसे
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निधौली कलां। क्षेत्र से गुजरी अरिंद नदी में बारिश होने पर जलस्तर तेजी से बढ़ गया। जलस्तर बढ़ने के साथ ही पानी का बहाव काफी तेज हो गया है। इससे क्षेत्र के बीस गांव की पांच हजार बीघा खेतों में पानी भर गया है। खेतों के तालाब में बदलने से मक्का और धान की फसल बर्बाद होने की आशंका है।
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क्षेत्र के गांव दस्तमपुर के पास करतला पुल पर अरिंद नदी का पानी ओवरफ्लो होकर तेजी से खेतों में बह रहा है। पांच दिन होने पर भी प्रशासन के सुध न लेने से क्षेत्र के पांच हजार बीघा खेत पानी से लबालब होकर तालाब का रूप ले चुके हैं। खेतों में जलभराव होने से किसान तनाव में हैं, खेतों में खड़ी मक्का की फसल बर्बाद हो रही है। खेतों के तालाब का रूप लेने से धान की पौध की रोपाई नहीं हो पा रही है। समय से धान की रोपाई न होने से पौध के बर्बाद होने की आशंका है। क्षेत्र से गुजरी अरिंद नदी की लंबाई 15 किमी से अधिक बताई जाती है। अरिंद नदी के ओवरफ्लो होने से दस्तमपुर, जनसोई, शांतिपुर, जमालपुर, मालाबाई, मगरौली, दुल्हा, दयारामपुर, रसीदपुर, नगला नारि सहित बीस गांव के लोग प्रभावित हैं।

अलीगढ़ से निकलती है अरिंद नदी-
अरिंद नदी यमुना की महत्वपूर्ण सहायक नदी है। यह मुख्य रूप से अलीगढ़, हाथरस, एटा, फिरोजाबाद जिलों से होकर गुजरती है। इस नदी का उद्गम स्थल अलीगढ़ जिले में अकराबाद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला सुहावली तालाब है। नदी एटा, जलेसर, सकरौली, और फिरोजाबाद से होते हुए आगे बढ़ती है। अंत में इटावा जिले के प्रसिद्ध पंचनद क्षेत्र में यमुना नदी में समाहित हो जाती है।
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दो वर्ष पहले भी अरिंद नदी ने मचाई थी तबाही
दो वर्ष पहले तेज बारिश होने पर अरिंद नदी का जलस्तर बढ़ने पर कटान होने पर पानी ने क्षेत्र में तबाही मचा दी थी। तबाही का मंजर यादकर क्षेत्र के लोग सिहर जाते हैं। उस समय प्रशासन के लाख प्रयास के बाद भी पानी का बहाव रुकने का नाम नहीं ले रहा था। कई दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद प्रशासन पानी के बहाव को रोक सका था। उस समय खेतों में चारों ओर पानी ही पानी दिखाई दे रहा था। कई गांव में पानी घुसने पर लोग कई दिनों तक छत पर रहे थे। सोरखा गांव में गुस्साए किसानों ने एक अधिकारी पर हमला कर दिया था। किसानों का गुस्सा देख बाकी अधिकारी और पुलिस ने भागकर जान बचाई थी।

बोले किसान-
समस्या बताने के लिए लेखपाल और कानूनगो को फोन किया। कोई भी समस्या सुनने को तैयार नहीं है। 5 दिन से गांव 20 गांव के किसानों की खेती डूबी खड़ी हुई है।
- दिनेश यादव, किसान, नगला चंदन
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गांव सलेमपुर के धान की 70 प्रतिशत फसल और 25 प्रतिशत मक्का की फसल पानी में डूबी हुई है। यहां धान की फसल की सबसे ज्यादा होती है। यहां नदी के पानी से बड़ा नुकसान हुआ है।
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- पुष्पेंद्र कुमार, किसान सलेमपुर

अरिंद नदी के जलस्तर बढ़ने की सूचना नहीं है। इसकी जानकारी कराई जाएगी। किसानों की फसल बचाने के लिए जो मदद हो सकेगी की जाएगी। -
तुषारकांत राजन, एक्सईएन सिंचाई

अरिंद नदी का जल स्तर बढ़ने से निधौली कलां क्षेत्र के गांवों की फसल पानी से डूब गई है। किसान उसे

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