एटा। माध्यमिक राजकीय व सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षक अब बिना अनुमति के विद्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। इसके लिए प्रधानाचार्य की अनुमति लेनी होगी। यहां तक कि विभागीय अधिकारियों से मिलने के लिए भी बिना अनुमति नहीं जा सकेंगे।
विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने और बेहतर शिक्षण कार्य के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। जिले में 25 राजकीय व 54 सहायता प्राप्त विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में शैक्षिक स्तर बेहतर करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विद्यालय समय में अक्सर शिक्षकों के अनुपस्थित रहने और विभागीय कार्यालय में आने-जाने की शिकायतें आती रहती थीं। जिस पर विभाग की ओर से सख्ती की गई है। अब शिक्षक बिना प्रधानाचार्य की अनुमति के विद्यालय समय में कहीं भी आ-जा नहीं सकेंगे। उनको विद्यालय छोड़ने का कारण स्पष्ट करना होगा।
इसके अलावा प्रधानाचार्य की अनुमति के बगैर विभागीय कार्यालय और विभागीय अधिकारियों से भी सीधे नहीं मिल सकेंगे। इसके साथ ही प्रत्येक विद्यालय का नियमित निरीक्षण किया जाएगा। वहीं संयुक्त शिक्षा निदेशक व अपर शिक्षा निदेशक भी जिले में दो से तीन विद्यालयों का प्रतिमाह निरीक्षण करेंगे। इससे विद्यालयों में शैक्षिक माहौल बेहतर होगा। जिसका लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा। एडीआईओएस क्षेत्रपाल ने बताया कि सभी प्रधानाचार्याें को पत्र जारी कर निर्देशों का पालन कराने को कहा गया है।