एटा। उमस भरी गर्मी के कारण मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मधुमेह और रक्तचाप के मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। प्रतिदिन मेडिसिन वार्ड में आने वाले लगभग 500 मरीजों में से 150 मरीज इन बीमारियों से संबंधित होते हैं। मंगलवार को ऐसे 150 मरीजों की जांच कर उन्हें उपचार और सावधानी बरतने के सुझाव दिए।
मेडिकल कॉलेज के एनसीडी विभाग में मंगलवार को 35 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में रक्तचाप बढ़ने की समस्या देखी गई। वहीं, 55 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में शुगर की समस्या भी सामने आई। कुल 150 मरीजों में से 50 मरीज शुगर की समस्या के लिए उपचार लेने पहुंचे थे। चैतन चौहान ने बताया कि गर्मी में शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इसका सीधा असर मधुमेह और रक्तचाप वाले मरीजों पर पड़ता है। ऐसे में शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
चैतन चौहान ने नियमित रूप से मधुमेह व रक्तचाप की जांच कराने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि इन बीमारियों से बचने के लिए नियमित रूप से तरल पदार्थों का सेवन करें। इन दिनों तापमान अस्थिर रहने से मरीजों की मुश्किलें बढ़ी हैं।
इन बातों का रखें ख्यालः
- खूब पानी पिएं, नींबू का जूस भी लें।
- मौसमी फल और सब्जियां खाएं।
- गर्मियों में टमाटर खाना फायदेमंद होता है।
- सत्तू पिएं, बिना नमक या चीनी के भी इसे पी सकते हैं।
- हल्का और औसत गर्म भोजन करें।
- सुबह के समय नियमित हल्के व्यायाम, योग करें।
शुगर के लक्षण-
- बार-बार पेशाब आना।
- लगातार वजन घटना।
- अत्यधिक प्यास लगना।
- शारीरिक कमजोरी होना।
बचावः
- संतुलित आहार लें।
- नियमित व्यायाम करें।
- शराब व तंबाकू के सेवन से बचें।
- रक्त शर्करा को संतुलित बनाए रखें।
- वजन एवं रक्तचाप संतुलित रखें।
- कोलेस्टॉल को न बढ़ने दें।