एटा। किसानों के लिए अहम फार्मर रजिस्ट्री के मामले में अलीगंज तहसील (36.99 प्रतिशत) फिसड्डी है। जबकि एटा सदर तहसील का प्रदर्शन औसत है। जलेसर तहसील इन दोनों से ऊपर है। हालांकि, यहां भी लगभग आधे किसानों की ही रजिस्ट्री बन पाई हैं।
किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री को अनिवार्य किया गया है। इसके बिना उन्हें भविष्य में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित अन्य योजनाओं का लाभ नहीं मिल सकेगा। बीज, खाद, कृषि यंत्रों पर अनुदान, राजस्व विभाग की तरफ से कृषक दुर्घटना बीमा योजना, प्राकृतिक आपदाओं के तहत सूखा व बाढ़ राहत आदि सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में मुश्किल होगी। साथ ही किसानों के लिए यह बैंक ऋण की प्रक्रिया को भी आसान बनाएगा। इसके अलावा विभिन्न योजनाओं में फर्जीवाड़े पर पूरी तरह लगाम लग जाएगी। रजिस्ट्री में संबंधित किसान का नाम, पिता का नाम, स्वामित्व वाले सभी गाटा संख्या, सह खातेदार होने की स्थिति में गाटे में किसान का अंश, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, ई-केवाइसी विवरण दर्ज होगा।
किसानों के लिए महत्वपूर्ण एवं सरकार की प्राथमिकता के चलते कृषि एवं राजस्व विभाग को सभी किसानों की रजिस्ट्री कराए जाने के निर्देश दिए गए। लेकिन जिले में स्थिति बेहद खराब है। अब तक 135951 किसानों की रजिस्ट्री हुई हैं। जबकि कुल 3.25 लाख किसानों की रजिस्ट्री की जानी हैं। तहसीलवार स्थिति देखें तो अलीगंज में सबसे कम 36.99 प्रतिशत किसानों की ही रजिस्ट्री कराई जा सकी हैं। सबसे अधिक 51.86 प्रतिशत रजिस्ट्री जलेसर तहसील क्षेत्र में हुई हैं। सदर तहसील क्षेत्र का आंकड़ा 41.47 प्रतिशत है। उपनिदेशक कृषि डॉ. मनवीर सिंह ने बताया कि स्थिति सुधारने के लिए 1 अप्रैल से विशेष अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत 30 अप्रैल तक गांव-गांव में शिविर लगाकर किसानों की रजिस्ट्री कराने का कार्य किया जा रहा है।