एटा-जलेसर । प्रदेश सरकार की ओर से लागू की जा रही ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में तहसील सदर व जलेसर के अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टाम्प विक्रेताओं का आंदोलन लगातार जारी है। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में एकत्र हुए अधिवक्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। हड़ताल से तहसील परिसर में रजिस्ट्री से जुड़े कामकाज पूरी तरह ठप रहे जिससे दूर-दराज से आए लोगों परेशान होकर लौटना पड़ा।
जलेसर में धरने के बीच सांसद और केंद्रीय मंत्री प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल पहुंचे। उन्हें अधिवक्ताओं ने मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा और जल्द से जल्द समाधान की मांग की। केंद्रीय मंत्री ने भरोसा दिलाया कि वह व्यक्तिगत रूप से मुख्यमंत्री से मिलेंगे और इस समस्या का सकारात्मक समाधान निकालने का प्रयास करेंगे। इस दौरान बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामेश्वर सिंह यादव, उपाध्यक्ष डी आर यादव, सचिव डी एस यादव, रमेश पाल सिंह, रामप्रकाश सिंह, केपी सिंह यादव, सुनील दीक्षित, द्विजेंद्र सिंह, युवराज सिंह, उत्साह भारद्वाज, जेपी सिंह, जयशंकर गोड और सुनील यादव सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
वहीं एटा तहसील में मौजूद अधिवक्ताओं ने हड़ताल के दौरान कहा कि ई-रजिस्ट्री प्रणाली को वर्तमान स्वरूप में लागू किए जाने से न केवल अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों की आजीविका पर गहरा संकट मंडराएगा बल्कि आम नागरिकों को भी भारी व्यावहारिक और तकनीकी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि भूमि एवं संपत्ति संबंधी कानूनी कार्यों में अधिवक्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है, जिसे सरकार किसी भी नई डिजिटल व्यवस्था के नाम पर नजरअंदाज नहीं कर सकती। यह संघर्ष केवल वकीलों के हितों का नहीं, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े लाखों नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए है। इस दौरान प्रवेंद्र कुमार, संतोष यादव, विनय कुमार कुशलपाल यादव, धर्मेंद्र सिंह चौहान, नाहर सिंह वर्मा, रिषी कुमार, अमर सिंह यादव, रामवीर सिंह यादव, बृजेश वर्मा, अनिल तिवारी, संजीव वर्मा, शैलेंद्र सिंह राजा, ज्ञानेंद्र सिंह वर्मा समेत अन्य अधिवक्ता, बैनामा लेखक व स्टाम्प विक्रेता मौजूद रहे।