एटा। शहर से लेकर देहात क्षेत्र तक कुत्ते और बंदर इन दिनों हिंसक हो गए हैं। उमस भरी गर्मी को इसकी वजह बताया जा रहा है। इससे लोगों पर हमले की घटनाएं बढ़ गई हैं। हर रोज 150 तक लोगों को ये जख्म दे रहे हैं। शहर के मेडिकल कॉलेज में एंटी रेबीज के टीके लगवाने वालों की संख्या में वृद्धि हुई है।
शनिवार को 150 से अधिक लोगों ने एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाई, जबकि पिछले महीने तक यह संख्या प्रतिदिन 100 से कम थी। घायलों में बच्चों की संख्या सबसे अधिक देखी गई। शहर के अरुणा नगर, होली मोहल्ला, किदवई नगर समेत कई मोहल्लों में कुत्ते व बंदरों की संख्या काफी बढ़ गई है।
प्रभारी सीवीओ डॉ. नीरज शुक्ला ने बताया कि बारिश के मौसम में बंदरों के लिए ठिकाने नहीं बचते हैं, जिसकी वजह से वो उग्र हो जाते हैं और लोगों पर हमला कर देते हैं। वहीं, गर्मी व उमस अधिक होने की वजह से कुत्ते उग्र हो जाते हैं।
बचाव के लिए करें ये उपायः
- निराश्रित कुत्तों-बंदरों को खाने की चीजें डालते रहें।
- झुंड में निकलने वाले बंदरों से बचकर रहें।
- बाइक पर चलते समय कुत्ता पीछा करें तो तुरंत वहीं रुक जाएं।
बोले लोग...
दो दिन पूर्व छत के ऊपर बने मंदिर में पूजा करने गई थी, वहां पर अचानक से बंदरों का झुंड आ गया और हमला कर दिया। किसी तरह से बचकर कमरे में घुसकर जान बचाई।
-पूजा चौहान, सेंथरी
मोहल्ले में कुत्तों का झुंड घूमता रहता है। रात के वक्त किसी भी राहगीर पर हमला कर देते हैं। इनकी वजह से काफी लोगों को दिक्कत होती है। पशुपालन विभाग की ओर से इनको पकड़वाना जाना चाहिए।
- तन्मय गुप्ता, प्रेम नगर