सकीट की गोशाला में गोवंशों को गुड़ चना खिलाते सीडीओ राजेंद्र प्रसाद मिश्र व सीवीओ आपी शर्मा। स
एटा। प्रदेश सरकार की ओर से निराश्रित गोवंश के संरक्षण व देखभाल के लिए चलाई जा रही मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना के तहत सफल हो रही है। पात्र पशुपालकों को योजना से जोड़ने की कवायद लगातार जारी है।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरपी शर्मा ने बताया कि अब तक जिले के 1943 पशुपालकों को कुल 5446 निराश्रित गोवंश सौंपे गए हैं। सरकार इसके बदले प्रति गोवंश 1500 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेज रही है। एक लाभार्थी अधिकतम चार गोवंश अपने पास रख सकता है। उन्होंने बताया कि योजना से न केवल बेसहारा पशुओं को संरक्षण मिल रहा है बल्कि ग्रामीण पशुपालकों को भी स्थायी आय का साधन प्राप्त हो रहा है।
इसके साथ ही जिले के 24 गोवंश आश्रय स्थलों में 14496 गोवंश की देखभाल की जा रही है जहां चारा पानी और उपचार की समुचित व्यवस्था की गई है। मलावन क्षेत्र के लाभार्थी सोनम व रवेंद्र ने बताया कि समय से आर्थिक सहायता मिलने पर पशुओं के चारा-पानी की व्यवस्था सुचारु रूप से हो जाती है। जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मुख्यमंत्री गो सहभागिता योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।