एटा। जिले में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ताओं ने सीएमओ कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। इस दौरान आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के मुख्य दरवाजे पर तालाबंदी कर दी और मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष पुष्पा ने किया।
आशा कार्यकर्ताओं ने 18 हजार रुपये मासिक मानदेय निर्धारित करने के साथ ही उन्हें शासकीय कर्मचारी घोषित करने की मांग की। उनका कहना है कि लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने के बावजूद उन्हें पर्याप्त मानदेय नहीं मिल रहा है। इससे पहले आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर नायब तहसीलदार आकाश लवानिया को लिखित ज्ञापन सौंपा था। कार्यकर्ताओं के अनुसार, ज्ञापन देने के बाद भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने सीएमओ कार्यालय पहुंचकर घेराव और प्रदर्शन किया।
कार्यकर्ताओं ने मासिक वेतन तय करने, यात्रा भत्ता देने, साइकिल और स्टेशनरी का खर्च उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई। उनका आरोप है कि कोरोना काल में सेवाएं देने के बावजूद उन्हें अब तक बकाया भुगतान नहीं किया गया है।
आशा कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि डिलीवरी के निर्धारित लक्ष्य पूरे नहीं होने पर नौकरी से हटाने की धमकी दी जाती है। परिवार नियोजन के विभिन्न तरीकों को लेकर ग्रामीणों की शिकायतों का सामना भी उन्हें करना पड़ता है। इस दौरान नेहा, नीरज, मीना, रेखा, मनोज, फूल श्री, रत्नेश, जलेब श्री, रामप्यारी, शकुंतला और अनीता समेत दर्जनों आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं।
वर्जन
अपनी मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपा है। आश्वासन दिया है कि उनकी मांग को शासन स्तर पर रखा जाएगा जिससे उनकी मांग पूरी हो सके।
- डॉ. राजेंद्र प्रसाद, सीएमओ