संवाद न्यूज एजेंसी
एटा। अरिंद नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने बाढ़ और जलभराव की आशंका वाले क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है। जिलाधिकारी अरविंद सिंह के निर्देश पर विकास खंड निधौलीकलां के संवेदनशील गांवों का स्थलीय निरीक्षण कर मंगलवार को अधिकारियों ने हालात का जायजा लिया।
संवाद टीम ने अरिंद नदी से जूझ रहे गांवों में पहुंचकर वहां का हाल लगातार अमर उजाला अंक में प्रकाशित किया। खबर का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने गांवों के निरीक्षण के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए जिसमें उपजिलाधिकारी सदर श्वेता सिंह, तहसीलदार नीरज वार्ष्णेय, नायब तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी निधौलीकलां व सिंचाई विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने ग्राम गोकुलपुर, दस्तापुर और लहरा सहित अन्य संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने अरिंद नदी के जलस्तर, नालों की स्थिति और संभावित जलभराव वाले स्थानों का बारीकी से परीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि नालों और जल निकासी मार्गों की तत्काल सफाई कराई जाए और उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। कहा कि समय रहते जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रहने से वर्षा व नदी का जलस्तर बढ़ने पर गांवों में जलभराव की समस्या से काफी हद तक बचाव किया जा सकेगा।
संवेदनशील स्थलों पर चौबीसों घंटे निगरानी बनाए रखने, राहत व बचाव से जुड़े संसाधनों को तैयार रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं। कहा कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए और किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी आवश्यक संसाधन एवं व्यवस्थाएं पहले से तैयार रखी जाएं।