जैथरा (एटा)। गांव नगला भरत सिंह में सोमवार शाम खेत की जुताई के दौरान रोटावेटर की चपेट में आने से 10वीं के छात्र रजत उर्फ मंगल (18) की मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि छात्र का शरीर कई टुकड़ों में बंट गया। शरीर का काफी हिस्सा कटकर मिट्टी में मिल गया।
गांव नगला भरत निवासी प्रियांशु ने बताया कि रजत सोमवार शाम करीब सात बजे ट्रैक्टर से अपने खेत की जुताई करा रहा था। जुताई पूरी होने के बाद उसने चालक से खेत के एक कोने में दोबारा रोटावेटर चलाने के लिए कहा। ट्रैक्टर आगे बढ़ा तो रजत रोटावेटर के ऊपर चढ़ने लगा। तभी अचानक उसका पैर फिसल गया। वह घूम रहे रोटावेटर के ऊपर गिरकर फंस गया। पीछे गिरने के कारण ट्रैक्टर चालक को इस बात का पता नहीं चल सका। वह जुताई करता रहा। कुछ देर बाद चालक ने ट्रैक्टर रोका। जब उसने पीछे देखा तो रोटावेटर पर खून लगा देखकर उसके होश उड़ गए।
सूचना मिलते ही परिवार के लोग और ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे। रजत के शरीर के टुकड़े देखकर परिजन चीख-पुकार करने लगे। पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। प्रियांशु ने बताया कि रजत गांव के पास ही स्थित एक निजी विद्यालय में कक्षा 10 का छात्र था। उसके पिता किशनपाल का पहले ही निधन हो चुका है। मां मिथिलेश देवी ने अपने दोनों बेटों का पालन-पोषण बहुत कठिन परिस्थितियों में किया था। बेटे की मौत के बाद से ही मां बेसुध है। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
मिथिलेश देवी ने बताया कि रजत का जन्म मंगलवार को हुआ था, इसलिए परिवार में सभी उसे प्यार से मंगल कहकर बुलाते थे। परिजन रो-रोकर कह रहे थे कि रजत के लिए मंगलवार शुभ माना था, मगर इसी दिन उसका अंतिम संस्कार किया गया। बताया कि मृतक और ट्रैक्टर स्वामी का परिवार भी एक ही कुनबे से जुड़ा है। हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक और उसके परिजन गांव छोड़कर चले गए हैं।