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Etah News: जर्जर डायलिसिस यूनिट की छत गिरी, मरीज समेत दो घायल

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मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी के पीछे बने जर्जर आवास। संवाद
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एटा। मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित डायलिसिस यूनिट की जर्जर हालत एक बार फिर मरीजों की सुरक्षा पर भारी पड़ गई। मंगलवार दोपहर डायलिसिस यूनिट की छत का एक हिस्सा अचानक टूटकर मरीज और उसके तीमारदार पर गिर गया। हादसे में दोनों घायल हो गए। घटना के बाद यूनिट में मौजूद अन्य मरीजों और उनके परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। कई मरीज भय के कारण बिना डायलिसिस कराए ही वापस लौट गए। वहीं, मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भी बारिश के दौरान छत से पानी टपकने से मरीजों और कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।
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शहर के यादव नगर निवासी राजेश देवी (45) पिछले चार वर्षों से किडनी रोग से पीड़ित हैं और नियमित रूप से डायलिसिस करा रही हैं। मंगलवार को उनकी बेटी प्रीति उन्हें डायलिसिस के लिए मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंची थी। दोपहर करीब 3:15 बजे डायलिसिस समाप्त होने के तुरंत बाद छत से सीमेंट का बड़ा टुकड़ा टूटकर नीचे गिर गया। मलबा प्रीति के सिर पर गिरने से वह घायल हो गई, जबकि राजेश देवी के पैर में भी चोट आई। मौके पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों ने प्राथमिक उपचार कराया, लेकिन घटना से सहमे मरीज और उनके परिजन काफी देर तक दहशत में रहे।
डायलिसिस के कर्मचारियों ने बताया कि डायलिसिस यूनिट की छत से प्लास्टर और सीमेंट के टुकड़े गिरने की शिकायतें पहले भी कई बार की जा चुकी हैं। इसके बावजूद भवन की मरम्मत या जीर्णोद्धार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
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करीब 40 वर्ष पुराना है भवन
डायलिसिस यूनिट का भवन करीब 40 वर्ष पुराना है। निर्माण के बाद यहां सीएमएस कार्यालय बनाया गया था। करीब 20 वर्ष यहां सीएमएस ने बैठकर कार्यभार देखा। इसके बाद यहां डायलिसिस यूनिट बना दी गई। भवन जर्जर हो चुका है। फॉल सीलिंग करा इसकी जर्जरता को छिपाया गया है।

इमरजेंसी की मरम्मत पर भी उठे सवालः
हाल ही में मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इमरजेंसी वार्ड की मरम्मत कराई थी, लेकिन पहली ही बारिश में छत से पानी टपकने लगा। एक्स-रे कक्ष, स्टाफ नर्स के केबिन और कई स्थानों पर रिसाव होने से कर्मचारियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। करीब 30 बेड वाले इमरजेंसी वार्ड में गंभीर मरीज भर्ती रहते हैं, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।

स्टाफ आवास भी जर्जर, कर्मचारियों में दहशतः
इमरजेंसी के पीछे बने स्टाफ नर्स और अन्य कर्मचारियों के आवास भी लंबे समय से जर्जर अवस्था में हैं। बारिश के दौरान दीवारों में सीलन, छत से रिसाव और भवन की खराब स्थिति के कारण यहां रहने वाले कर्मचारी लगातार भय के साये में जीवन बिताने को मजबूर हैं।
-वर्जन-
डायलिसिस यूनिट के जीर्णोद्धार के लिए कई बार शासन को प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन अभी तक बजट स्वीकृत नहीं हुआ। पिछले वर्ष भी बारिश के दौरान छत से प्लास्टर गिरने की घटना हुई थी। बजट मिलते ही आवश्यक कार्य कराया जाएगा।
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– डॉ. सुरेश चंद्रा, सीएमएस

मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी के पीछे बने जर्जर आवास। संवाद

मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी के पीछे बने जर्जर आवास। संवाद

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