एटा-कासगंज रेल लाइन को मंजूरी
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रेल बजट में एटा-कासगंज रेल लाइन विस्तार को मंजूरी दी गई है। दोनों जिलों के बीच 29 किलोमीटर लंबे ट्रैक निर्माण के लिए 277 करोड़ रुपये के बजट की घोषणा की गई है। इससे यहां के लोगों के लिए बरेली और कानपुर समेत अन्य प्रदेशों में जाने का रास्ता सुगम होगा।
दशकों पुरानी रेल विस्तार की मांग पूरी आखिर पूरी हो गई। केंद्रीय रेल बजट में एटा-कासगंज रेल लाइन विस्तार को मिली स्वीकृति एवं बजट आवंटन होने से जिले के लोग गदगद हैं। इंद्रपुरी निवासी कारोबारी संजय जैन इसे जिले के लिए बड़ी सौगात बताते हैं। कहा कि इससे जहां यातायात सुलभ एवं सस्ता होगा। वहीं विकास के नए द्वार भी खुलेंगे। रेल विस्तार के लिए दो दशक से संघर्ष कर रही सामाजिक संस्था लक्ष्य के प्रमुख नीरज गुप्ता ने जनता के संघर्ष की जीत बताया। उनके अनुसार रेल लाइन के बाद जिले की तस्वीर बदलेगी। रोजगार बढ़ेगा। बताते चलें कि दिसंबर माह में लक्ष्य डेलीगेशन ने केंद्रीय रेलमंत्री से भेंट कर एटा-कासगंज रेल लाइन विस्तार के लिए किए गए प्रयासों का ब्यौरा सौंपा था। रेल विस्तार के लिए दिल्ली में आंदोलन कर रेलभवन में केंद्रीय रेलमंत्री को ज्ञापन सौंपने वाले पालिकाध्यक्ष राकेश गांधी भी इससे गदगद हैं। दो महीने तक रेल विस्तार आंदेालन चलाने वाले अनुज गुप्ता ने शहरवासियों की जीत बताया। जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन कर रेलवे लाइन विस्तार की मांग उठाने वाले मेधाव्रत शास्त्री ने भी इसे सबसे बड़ी उपलब्धि करार दिया। उन्होंने 26 जनवरी को रेलवे लाइन विस्तार की मांग को लेकर शहर में एक मानव शृंखला भी बनर्वाई थी। बता दें कि रेल बजट में उत्तर प्रदेश को मिलीं 224 किलोमीटर लंबी छह नई रेलवे लाइन में 29 किलोमीटर लंबी एटा-कासगंज रेल लाइन का भी नाम शामिल है। इसके लिए 277 करोड़ रुपए का बजट जारी करने की बात भी कही गई है।