थाना बागवाला क्षेत्र के गांव कंसुरी में मंगलवार दोपहर चौकीदार के मकान में अवैध रूप से आतिशबाजी बनाए जाने के दौरान धमाका हो गया। धमाका इतना जबरदस्त था कि पूरा घर भरभराकर गिर गया। हादसे के बाद जैसे ही ग्रामीणों मलबा हटाना शुरू किया, मलबे के अंदर फिर से धमाके होने लगे, इसके बाद ग्रामीणों की हिम्मत भी जवाब दे गई और उन्होंने पुलिस को सूचना दी, पुलिस और दमकल के पहुंचने के करीब आधा घंटा बाद बचाव कार्य शुरू हो पाया। मलबे में दबने से चार लोगों की मौत हो गईं। इनमें चौकीदार के परिवार के चार लोग और एक नौकर शामिल है। डीएम और एसएसपी भी मौके पर पहुंच गए। गली संकरी होने के कारण बचाव कार्य में काफी दिक्कतें आईं।
हादसा मंगलवार दोपहर गांव कंसुरी के चौकीदार रहीस के घर में हुआ और इसमें रहीस के बेटे अल्लाह नूर (13) और अलीनूर (7), नौकर छोटू (22) और मां मनीसा (65) की मौत हो गईं। हादसे के वक्त रहीस अपनी पत्नी सकीरा और पांच अन्य बच्चों के साथ अलीगढ़ गया हुआ था। हादसा इतना जबरदस्त था कि घर की दीवारें गिर गईं और 30 गुणा 40 फीट लंबा-चौड़ा लेंटर धराशायी हो गया। धमाके से आसपास के घरों की दीवारों भी ढह गईं और कई घरों में दरारें पड़ गईं। सूचना पर पुलिस और दमकल पहुंच गई। पानी डालने के बाद मलबा हटाना शुरू किया गया। पुलिस और ग्रामीणों की मदद से लेंटर तोड़ कर और जेसीबी से मलबा हटाकर दबे लोगों को बाहर निकाला। इनमें चार की मौत हो चुकी थी, आसिफ गंभीर रूप से घायल था। उसे एंबुलेंस से जिला अस्पताल भिजवाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इससे पहले गली संकरी होने के कारण जेसीबी लेंटर तक नहीं पहुंच पा रही थी। दो दीवारें, एक शौचालय और एक पेड़ गिराकर जेसीबी को घटनास्थल तक पहुंचाया गया। इसमें भी काफी वक्त लग गया। बताया जा रहा है कि चौकीदार होने के कारण रहीस का थाने में आना जाना रहता था और इसी के चलते वह अवैध रूप से आतिशबाजी बनाने का काम कर रहा था, गांव में कोई उसका विरोध नहीं कर पाता था।