एटा। मेडिकल कॉलेज परिसर में संचालित डायलिसिस यूनिट में तीन दिनों से बिजली का संकट बना हुआ है। यहां मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा। एसी नहीं चलते की वजह से मशीनों पर भी प्रभाव पड़ा है। मंगलवार को लखनऊ से हैरीटेज संस्थान के डायरेक्टर संचालन डॉ. मधुसूदन शर्मा को एटा आना पड़ा और मेडिकल कॉलेज के संबंधित अधिकारियों के साथ वार्ता कर समस्या का हल करने का प्रयास किया गया।
मेडिकल कॉलेज में संचालित हो रही डायलिसिस यूनिट का संचालन हैरीटेज संस्था कर रही है। संस्था का सरकार के बीच समझौता हुआ है। सभी व्यवस्थाएं सरकारी हैं, जबकि मशीनें और कर्मचारी संस्थान की ओर से उपलब्ध कराए गए हैं। यहां पर तीन दिनों से बिजली की केबिल को मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों द्वारा काट दिया गया है, इसके बाद से डायलिसिस यूनिट जनरेटर के सहारे चल रही है। जनरेटर की सप्लाई लगातार नहीं मिल पा रही है ऐसे में डायलिसिस यूनिट का एसी बंद करना पड़ा। इसकी वजह से मरीजों के साथ-साथ मशीनें भी प्रभावित हो रही हैं। मंगलवार को हैरीटेज कंपनी के निदेशक को एटा आना पड़ा है।
मेडिकल कॉलेज में चल रही डायलिसिस यूनिट का संचालन तीन वर्ष पूर्व हुआ था। तीन वर्षों में ही डायलिसिस यूनिट का भवन जर्जर हो गया है। इसको लेकर कार्यदायी संस्था की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। कार्यदायी संस्था हैरीटेज को स्वयं ही मरम्मत का कार्य करना पड़ेगा। इसकी को लेकर प्रस्ताव भी बनाकर संचालन निदेशक ले गए हैं।
मेडिकल कॉलेज के अधीन आने के बाद से कुछ परेशानियां बढ़ी हैं। हाल ही में विद्युत सप्लाई अवरुद्ध हुई है। इसको लेकर एटा आया हूं, प्राचार्य व अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ वार्ता की जाएगी। इसके अलावा डायलिसिस यूनिट भवन भी जर्जर हो चुका है, इसकी मरम्मत का भी प्रस्ताव कंपनी को भेजा जाएगा।
डॉ. मधुसूदन शर्मा, निदेशक संचालन, हैरीटेज लखनऊ