जलेसर। गांव पुन्हैरा में सोमवार की सुबह सवा बीघा जमीन के लिए खूनी संघर्ष हो गया। यहां मारपीट और पथराव में 70 वर्षीय वृद्ध गंभीर रूप से घायल हो गए। उपचार को ले जाने के दौरान उनकी मौत हो गई। वृद्ध ने अपनी सवा बीघा जमीन भतीजों को न बेचकर दूसरे व्यक्ति को बेच दी थी। इसी पर कब्जे को लेकर संघर्ष हुआ। पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
अमर सिंह (70 वर्ष) के तीन बेटियां हैं। उनकी शादी हो चुकी है। वह दिल्ली में अपने रिश्तेदार के यहां रहते हैं। उनकी गांव में सवा बीघा पैतृक जमीन थी। इसका उन्होंने गांव के ही स्कूल संचालक महेश पाल सिंह और भगवान सिंह के नाम जनवरी माह में बैनामा कर दिया था। इसी बात पर अमर सिंह के भतीजे प्रेमवीर, हेमंत व अन्य परिजन नाराज थे। वह जमीन पर कब्जा करना चाहते थे। इस कब्जे को लेकर रविवार को भी दोनों पक्षों में कहासुनी हुई। तब पुलिस भी मौके पर पहुंची। लेकिन बुझाकर मामला शांत करा दिया गया। सोमवार की सुबह जमीन पर कब्जे के लिए फिर से विवाद हो गया। प्रेमवीर और उसके भाइयों ने खरीदार महेश पाल और उनके परिजन पर धावा बोल दिया। इस दौरान पथराव में महेश सिंह की ईको कार क्षतिग्रस्त हो गई।
लाठी-डंडे और पत्थर लगने से महेश की बेटियां कीर्ति, वैष्णवी व वंशिका, दीपक, महेश पाल सिंह और भगवान सिंह घायल हो गए। वहीं, 70 वर्षीय वृद्ध अमर सिंह को सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं। आगरा उपचार के लिए ले जाने के दौरान रास्ते में अमर सिंह ने दम तोड़ दिया। अन्य घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जलेसर में उपचार कराया गया। एएसपी श्वेताभ पांडेय ने बताया कि इस मामले में अमर सिंह की पत्नी ने प्रेमवीर, हेमंत, सोरन सिंह, विजय सिंह, भरत सिंह समेत सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
अमर सिंह का फाइल फोटो।