दीपावली अपनों के संग मनाने को लोग शहरों से घर आ रहे हैं। इसके कारण ट्रेन, बसों में यात्रियों की भीड़ है। बैठना तो दूर खड़े होना भी दुश्वार हुआ है। वाहनों के इंतजार में घंटों भटकने के बाद लोगों ने जान जोखिम में डालकर बसों की छत और पायदान पर सवार होकर सफर किया।
दिवाली पर लोगों को घर पहुंचाने के लिए परिवहन निगम ने तमाम दावे किए थे। दिल्ली समेत सभी मार्गों पर सैकड़ों बस दौड़ाने का दावा था। पर, त्योहार की भीड़ उमड़ते ही सारी व्यवस्था चरामरा गई। शनिवार को रोडवेज से लेकर प्राइवेट बस अड्डों पर मुसाफिरों का मेला सा दिखा। लोग वाहनों के लिए भटकते नजर आए। कोई भी बस आने पर वह पहले से ही सवारियों से ठसाठस रहती थी। वहीं लोग धक्का-मुक्की करते हुए इसमें सवार होने लगते थे। भीड़ के कारण सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं और बच्चों को हुई। बसों पर लोग पायदान तक लटके दिखे। जान जोखिम में डालकर लोगों ने बस की छतों पर सवार होकर सफर करने की मजबूरी भी झेली। सबसे ज्यादा दिक्कत फर्रुखाबाद, मैनपुरी, इटावा और कानपुर मागों पर रही। कारण दिल्ली की ओर से सारी बसें फुल होने के कारण रूक ही नहीं रही थी।