हादसे में मारे गए बच्चों के अभिभावकों को क्या पता था कि गुरुवार को वे जिस बस से लाडलों को स्कूल भेज रहे है, उनकी अंतिम यात्रा होगी। वहीं बच्चों को भी नहीं मालूम थी कि मंजिल से 200 मीटर की दूरी पर ही मौत उन्हें झपट्टा मार कर ले जाएगी। इसी बात को सोचकर कई अभिभावक बदहवास थे। हादसे में बस में आगे बैठे बच्चों की आवाजें चीखों में तब्दील हो गई। इस दौरान रामनगर निवासी दो सगी बहनों को वहां मौत खींच लाई और वे बालू भरे ट्रक की चपेट में आकर घायल हो गईं। बाद में अस्पताल में दम तोड़ दिया। यदि समय रहते एंबुलेंस और चिकित्सा सुविधा मिलती तो कई मासूमों की जान बच सकती थीं।
वहीं, घटनास्थल पर एंबुलेंस की गाड़ी सवा घंटे बाद पहुंची थी।
असदपुर के पास जिस स्थान पर गुरुवार को हादसा हुआ उस स्थान के हालत बच्चों की चीख पुकार की गवाही दे रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घने कोहरे के बीच ट्रक और स्कूली बस के रॉंग साइड से आने के चलते टक्कर हो गई। बस मेे आगे बैठे बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए और बाकी के बच्चों की चीखपुकार मच गई। इस दौरान बस चालक आकाश की मौत चुकी थी और बच्चे बस से बाहर निकालने की गुहार लगा कर चीख रहे थे। राहगीरों और ग्रामीणों ने बच्चाें को खिड़कियों से बाहर निकाला। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो कई बच्चों ने अपने नाम पते खुद बताए लेकिन मौके पर पुलिस और एंबुलेंस नहीं पहुंचने के कारण नगला उम्मेद निवासी शिवानी उर्फ ममता और लवेश ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मौत का हमला इतना जबरदस्त था कि अस्पताल पहुंचते-पहुंचते दस से ज्यादा बच्चों ने दम तोड़ दिया था। गंभीर रूप से घायलों को तुरंत एटा, फर्रुखाबाद और सैफई रेफर कर दिया।
घटनास्थल और अस्पताल में जिगर के टुकड़ों को ढूढ रहीं थीं नजरें
हादसे की सूचना मिलते ही केला, भगवानपुरा, केला, टिकैतपुरा, पिरंजरा, उम्मेदपुर, रामनगर, नगला बिरियन के ग्रामीण बदहवास हालत में घटना स्थल की ओर दौड़े। जिन लोगों को अपने मासूम मौके पर घायल हालत में मिले वे उसे लेकर निजी अस्पताल की ओर भाग गए और जिन्हें नहीं मिले वे अलीगंज अस्पताल की ओर दौड़े। परिवारीजनों की नजरे अपने लाडलों को खोज रही थीं, जिनके बच्चे जिंदा और घायल मिले वे पास बैठे।
हमने कभऊं नाई देखो इत्ते बच्चन की एक संग मौत
ग्रामीणों ने बताया कि इतना बड़ा हादसा इससे अलीगंज क्षेत्र में पहले कभी नहीं हुआ। अलीगंज निवासी रामदेव ने बताया कि जहरीली शराब से 33 मौतें होने पर ही लोगों को इतना गम नहीं था, जितना मासूम की मौत से मातम का सन्नाटा पसरा है। किसी ने अपना इकलौता लाल खोया तो किसी ने परिवार की दो-दो लाडली बेटियां। रामनगर निवासी 15 वर्षीय अभिषेक की राधिका और निक्की दो बहने थी, गुरुवार को हुए हादसे में दोनो की मौत ने उसका भाई दयूज, रक्षाबंधन हमेशा के लिए सूना कर दिया है।