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खोई जमीन तरासने में लगे साइकिल सवार

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एटा। मोदी लहर में भाजपा ने चारों विधानसभा क्षेेत्रों में कमल खिलाया था। समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी साइकिल पर सवार होकर निकले थे लेकिन सफल नहीं हो पाए और वर्ष 2017 में चारों सीटों को गंवाकर दूसरे नंबर पर रहे थे। अब खोई जमीन तरासने में फिर से पुराने ही प्रत्याशी साइकिल पर सवार हुए हैं।
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विधानसभा चुनाव 2012 में समाजवादी पार्टी ने चारों विधानसभाओं पर जीत दर्ज कराई थी। अलीगंज से रामेश्वर सिंह यादव, जलेसर रणजीत सिंह सुमन, मारहरा से अमित गौरव यादव और सदर से आशीष कुमार यादव विधायक बने थे। वर्ष 2017 में चुनाव हुए तो सपा ने सदर सीट के सिटिंग विधायक का टिकट काट दिया और जुगेंद्र सिंह यादव पर भरोसा जताकर प्रत्याशी बनाया।
इस चुनाव में भाजपा की ऐसी लहर चली कि सपा के सारे धुरंधर रेत ढेर की तरह तहस-नहस हो गए। भाजपा ने सपा को पटकनी देकर चारों सीटों पर कब्जा कर लिया। अब सपा के साइकिल सवार अपने खोई जमीन को तरासने में जुुटे हैं। रणनीतिकार जातिगत और व्यक्तिगत आंकड़ों को बिठाने में लगे हुए हैं और हर हाल में अपने गढ़ को बचाने में लगे हैं।
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वर्ष 2017 में सदर सीट पर भाजपा के विपिन वर्मा डेविड ने सपा के जुगेंद्र सिंह को हराया था, जब कि अलीगंज में भाजपा के सत्यपाल सिंह राठौर ने सपा के रामेश्वर सिंह यादव को हरा कर अपनी जीत पक्की की थी। मारहरा में भाजपा के वीरेंद्र सिंह लोधी ने सपा के अमित गौरव यादव को और जलेसर में भाजपा के संजीव दिवाकर ने सपा के रणजीत सुमन को हराया था। सपा के चारों धुरंधर दूसरे नंबर पर रहे थे।
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