एटा। लाख कोशिशों के बावजूद निराश्रित गोवंशों को गोशाला में नहीं पहुंचाया जा सका है। इसके कारण ये गेहूं व अन्य तैयार फसलों में नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसके अलावा शहर से हाईवे की सड़क तक हादसों की वजह बने हुए हैं।
जिले में गेहूं की अगैती फसल पककर तैयार हो चुकी है। पिछैती फसल भी पकने वाली है। किसान की 6 माह तक की अथक मेहनत का परिणाम आने वाला है। इन सबके बीच गोवंश किसान के लिए सिरदर्द बने हुए हैं। इसकी वजह से उनके माथे पर बल दिखाई दे रहा है। शासन-प्रशासन की ओर से लगातार गोवंश को गोशाला भेजने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसके बाद भी शहर से लेकर गांव तक ये भटकते दिखाई देतेे हैं। पकी-अधपकी फसलों में नुकसान कर रहे हैं।
सेंथरी के जयवीर सिंह और शिकोहाबाद रोड के सौरव कुमार ने बताया कि कुछ फसल पक चुकी है तो कुछ पकने वाली है। ऐसे में खुले घूम रहे गोवंश फसल में घुसकर काफी नुकसान कर रहे हैं। गेहूं की बाली पर पैर पड़ते ही दाना खेत में बिखर जाता है, जिससे नुकसान हो रहा है। सीडीओ डॉ. अवेधश कुमार बाजपेयी का कहना है कि गोवंशों को गोशालाओं में भिजवाने का काम लगातार किया जा रहा है। इसके साथ ही जिले की सभी गोशालाओं के नोडल अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वहां जाकर होली मिलन कार्यक्रम का आयोजन करें।