गोशाला में मृत गोवंशों को लेकर जानकारी करते आबकारी निरीक्षक। संवाद
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अलीगंज। सरकार ने गोवंश के संरक्षण के लिए गोशालाओं का निर्माण कराया है। जहां उनके भरण-पोषण सहित इलाज की व्यवस्था का दावा किया जाता है। लेकिन दावे हकीकत में खोखले नजर आते हैं।
अलीगंज देहात स्थित आजमनगर की गोशाला में तीन गाय मर गईं। लापरवाही इतनी ज्यादा रही कि पांच दिन तक उनके शव गोशाला में पड़े रहे। भूसा दान करने वहां पहुंचे आबकारी निरीक्षक ने यह स्थिति देखी, तब कहीं जाकर मामले की जानकारी जिम्मेदारों को हुई और शव हटवाए गए।
आबकारी निरीक्षक दिनेश पासवान शुक्रवार को गोशाला पहुंचे और 14 क्विंटल भूसा दान किया। इस दौरान उन्होंने गोशाला और गोवंशों का हाल भी देखा। अंदर देखने पर पता लगा कि तीन गाय की मौत हो चुकी थी और पांच दिन से उनके मृत शरीर गोशाला में पड़े हुए थे। आबकारी निरीक्षक ने इसकी सूचना पशुपालन विभाग को दी। इस पर उपमुख्य पशु चिकित्साधिकारी आरके शर्मा, ग्राम प्रधान संतोष कुमार वहां पहुंचे। मृत शरीरों को हटवाया गया।
गोशाला में गोवंशों के बीच लड़ाई हो गई थी। इसमें गाय की मृत्यु हुई है। पोस्टमार्टम नहीं कराया गया। शवों को मिट्टी में दबा दिया गया है।
- आरके शर्मा, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी