कासगंज। जिले में कोरोना वायरस का पता लगाने के लिए सैंपल एकत्रीकरण की रफ्तार काफी सुस्त चल रही है। जबकि संक्रमण की रफ्तार लगातार बढ़ रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आंकडे़ काफी चौंकाने वाले सामने आए हैं। जिले में संक्रमण फैलकर प्रत्येक 41वें व्यक्ति को अपनी चपेट में ले चुका है। यदि जांच की रफ्तार बढ़ जाए तो सही हकीकत सामने आ सकेगी। क्योंकि 10 निकाय, 716 गांवों में अब तक 7226 कोरोना जांच ही हो सकी हैं।
जिले मेें वर्तमान में 10 स्थानीय निकाय एवं 716 ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 18 लाख की आबादी निवास करती है। लेकिन इस आबादी में तेजी से फैल रहे संक्रमण की जांच को लेकर विभाग गंभीर नहीं है। विभाग ने सबसे पहले 5 मार्च को मलेशिया से लौटे एक युवक की कोरोना की जांच का सिलसिला शुरू किया। इसके बाद विदेश से आने वाले 23 अन्य लोगों के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे। इन सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई।
लॉकडाउन शुरू हो जाने के बाद देश के विभिन्न हिस्सों से प्रवासी मजदूरों के लौटने का सिलसिला शुरू हो गया। 13 अप्रैल को कासगंज की गली कायस्थान, सोरों के ग्राम गोयती, पटियाली के नगला अब्दाल में एक-एक युवक कोरोना संक्रमित पाए गए। इस अवधि तक विभाग ने 320 लोगों की जांच की। इसके कुछ दिन बाद फिर से जिले में 4 प्रवासी कोरोना संक्रमित सामने आए। जिले में आज तक जांच की रफ्तार बढ़कर 22.58 गुना तक पहुंची। जबकि संक्रमण 51.66 गुना की रफ्तार से बढ़ा। पहले जांच के बाद प्रत्येक 100वां व्यक्ति संक्रमण का शिकार होता था। वह दर आज घटकर 41वें व्यक्ति तक पहुंच गई है। जिले में 28800 प्रवासी सूचीबद्ध हो चुके हैं।
- जिले में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए विभाग ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। लगातार लोगों के सैंपल लिए जा रहे हैं। ट्रूनेट मशीन की व्यवस्था भी जिले में की जा चुकी है। - डॉ. प्रतिमा श्रीवास्तव, सीएमओ।