सोमवार को मारहरा कस्बे में दो युवकों राहुल और राजू को ईसाई बनाने की सूचना पर माहौल गर्मा गया। विहिप और अन्य हिंदू संगठनों ने मामले में कार्रवाई नहीं करने पर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। इनके बढ़ते दबाव को देख पुलिस दो ईसाई धर्मगुरुओं सहित चार को थाने ले आई। थाने पर भी कार्रवाई की मांग को लेकर नारेबाजी की गई। एएसपी विसर्जन सिंह यादव का कहना है कि यह धर्मांतरण का नहीं बल्कि लेन देन का मामला है। राहुल ने एक महिला सरिता से कुछ रुपये उधार लिए हुए है, उन्हें देने से बचने के लिए उसने धर्मांतरण की अफवाह फैलाई। पुलिस ने राजू और महिला के पुत्र विशाल को शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।
सोमवार दोपहर पुराने अस्पताल परिसर में दो युवकों क ा धर्म परिवर्तन कराए जाने की सूचना पर हिंदू संगठनों से जुड़े लोग सक्रिय हो गए। विहिप की नगर इकाई के अध्यक्ष विशेष यादव के साथ योगेश मुद्गल, आलोक गोयल, अभिषेक यादव, जितेंद्र यादव आदि ने अस्पताल परिसर में सरिता के घर से दो ईसाई धर्म गुरुओं को पकड़ लिया। इनमें एक धर्मगुरु कासगंज का रहने वाला है तो दूसरे ने अपना सही नाम पता नहीं बताया। आरोप है कि राहुल निवासी अस्पताल चौराहा एवं राजू निवासी मोहल्ला सराय मीरा को ईसाई बनने के लिए बुलाया गया था। दोनों युवकों ने भी कहा कि उन्हें ईसाई बनने पर उन्हें एक-एक लाख रुपये देने का लालच दिया गया। यहां से धार्मिक पुस्तकें और प्रचार सामग्री भी मिली।
विशेष यादव का आरोप है कि सरिता दो साल पहले ईसाई बन गई थी और अब गरीबों को लालच देकर धर्मांतरण के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने बताया कि फादर ने पहले महिला सरिता को अपनी बहन बताया, बाद में कहा कि उसके मां के गांव की रहने वाली है, इसलिए उनसे मिलने आए थे। इसको लेकर घंटों तक हंगामा चला। पुलिस ने धर्मगुरुओं से भी पूछताछ की। देर शाम दोनों धर्मगुरु थाने में बैठे थे। पुलिस उनके हिरासत में होने से इनकार कर रही है।