एटा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में कई जगहों पर हेल्थ एटीएम लगाए गए हैं। इनके माध्यम से मरीज की 10 मिनट में 50 तरह की जांचों का दावा किया जाता है, लेकिन अधिकांश मशीनों में सारी जांचें नहीं हो पा रही हैं। कहीं-कहीं तो ये लाखों रुपये की मशीनें केवल बीपी नापने के काम आ रही हैं। मरीजों को पैथोलाॅजी लैब की कतारों में धक्के खाने पड़ रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने करोड़ों रुपये खर्च कर 14 सीएचसी-पीएचसी पर हेल्थ एटीएम स्थापित कराए हैं। मलावन स्थित पीएचसी पर लगे हेल्थ एटीएम में सिर्फ लंबाई, वजन, ब्लडप्रेशर और शुगर की ही रिपोर्ट मिल रही है। सीबीसी, ईसीजी आदि जांचें नहीं हो पा रही हैं। जिसकी वजह से मरीजों को पैथोलॉजी लैब जाकर ही जांचें करानी पड़ रही हैं।
वर्तमान में लोगों के बीमार होने पर चिकित्सक मलेरिया, डेंगू, सीबीसी समेत अन्य जांचें करा रहे हैं, जिसके लिए उन्हें मेडिकल कॉलेज में लाइनों में लगकर धक्के खाने पड़ रहे हैं। तब जाकर उनकी जांचें हो पा रही हैं। जबकि सीएचसी और पीएचसी पर लगे हेल्थ एटीएम दिखावा बने हुए हैं।