मेडिकल कॉलेज के बच्चा वार्ड में भर्ती बीमारी से ग्रसित बच्चेश।
- फोटो : मेडिकल कॉलेज के बच्चा वार्ड में भर्ती बीमारी से ग्रसित बच्चेश।
एटा। कड़ाके की सर्दी से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। इसका सबसे अधिक असर बच्चों की सेहत पर पड़ रहा है। सर्दी के कारण बच्चे निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं।
बड़ी संख्या में ओपीडी में सर्दी के साथ खांसी आदि से ग्रसित बच्चे पहुंच रहे है। प्रतिदिन 3 से 4 निमोनिया के मरीज मेडिकल कॉलेज पहुंच रहे हैं। इनमें से कुछ को भाप देकर घर भेज दिया जा रहा है तो कुछ को भर्ती कर उपचार किया जा रहा है।
सर्द मौसम में जरा सी लापरवाही बच्चों को निमोनिया का मरीज बना रही है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनंत व्यास ने बताया कि सर्दी का मौसम सावधानी बरतनी बहुत जरूरी है। जरा-सी लापरवाही बच्चों को बीमार कर सकती है। इससे सर्दी, खांसी, बुखार, सांस लेने में दिक्कत बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि निमोनिया में सांस की समस्या होने लगती है। समय से उपचार न कराने पर फेफड़ों में संक्रमण होने लगता है। लापरवाही के कारण समस्या गंभीर हो जाती है। ऐसे में चिकित्सक से उपचार लें। मंगलवार को बाल रोग विभाग में 70 बच्चे उपचार के लिए पहुंचे। इनमें से 4 बच्चे निमोनिया से ग्रसित थे जिन्हें भर्ती कर लिया गया। संवाद