रोडवेज बस में धक्का लगाती सवारी ।संवाद
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एटा। उप्र परिवहन निगम की 32 बसें ऐसी हैं जो 11 लाख किमी से अधिक चल चुकी हैं। इसके बावजूद भी सड़कों पर दौड़ रहे हैं। जबकि निगम का नियम है कि 11 लाख चलने वाली बस को नीलाम किया जाएगा। ऐसी बसों को सड़कों पर नहीं दौड़ाया जा सकता है।
उप्र राज्य परिवहन निगम की नियमावली है कि दस साल पूर्ण या 11 लाख किलोमीटर बस चल जाए तो उसे निलामी की श्रेणी में कर दिया जाता है। माना जाता है कि यह बस सड़क पर चलने के योग्य नहीं हैं लेकिन जिले में 32 बसें ऐसी हैं जो 11 लाख किमी से अधिक चल चुकी हैं। इसके बाद भी दिल्ली सहित अन्य मार्गों पर दौड़ रहीं हैं। 32 बसाें में आठ बसें 13 लाख से ऊपर चल चुकी हैं। दो बसें तो 15 लाख किलोमीटर से ऊपर चल चुकी हैं। इसके बाद भी इन बसों को अधिकारी सड़कों पर दौड़ा रहे हैं।
यात्रियों का लगाना पड़ता धक्का
डिपो की बसों का हाल यह है कि पूरी तरह से बस ठीक न होने के बावजूद सड़कों पर निकाल दिया जाता है। बृहस्पतिवार को एक बस दिल्ली जाने के लिए वर्कशॉप से रोडवेज बस स्टैंड पर आ गई। यात्री बस में बैठ गए लेकिन बस स्टार्ट नहीं हुई। इस पर यात्रियों ने धक्का लगाकर बस को स्टार्ट कराया।