एटा। मैनपुरी निवासी युवक की शिकायत के बाद तत्कालीन बीएसए के कारनामे उजागर हो रहे हैं। आरोप है कि फर्जी शिक्षक राजकुमार की वर्ष 2023 में बर्खास्तगी के बाद तत्कालीन बीएसए अपने ट्रांसफर से पहले नए नाम उसे नियुक्ति दे गए। उसकी बहन पर भी कूटरचित तरीके नौकरी पाने का आरोप है। इस मामले में तत्कालीन जिलाधिकारी ने जांच कमेटी गठित की थी, लेकिन तबादला होने की वजह से जांच फाइलों में दब गई।
मैनपुरी के ग्वालटोली निवासी शिकायतकर्ता विजेंद्र सिंह ने का आरोप है कि राजकुमार ने अपनी बहन को फर्जी दस्तावेज तैयार कर फर्रुखाबाद के विकास खंड मोहम्मदाबाद में प्राथमिक विद्यालय नगला इंदर में नौकरी दिला दी। तीन साल बहन ने अपना तबादला एटा के ब्लॉक सकीट के प्राथमिक विद्यालय में करा लिया। यहां वह सहायक अध्यापक के पद पर तैनात है। इस संबंध में तत्कालीन जिलाधिकारी ने जांच के लिए दो सदस्यीय टीम का गठन किया था। टीम में एसडीएम जलेसर और सदर मौजूद थे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जांच में राजकुमार की बहन की भी फर्जी नौकरी पाई गई। इसी बीच जिलाधिकारी का तबादला हो गया। इसके बाद जांच ठंडे बस्ते में पड़ गई। इस मामले में बीएसए अनुपम अवस्थी ने बताया कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर नौकरी करने की शिकायत मिली है। इस संबंध में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर जांच कराई जाएगी। इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।