जलेसर के एक कारखाने में घंटे निर्माण में जुटे कारीगर। संवाद
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एटा/जलेसर। सूने से पड़े पीतल उद्योग में दिवाली की धूम से झनकार गूंजने लगी है। त्योहार पर 80 करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान है। कारखानों में हर दिन करीब 15 टन माल रोजाना तैयार किया जा रहा है। कोरोना काल में जलेसर के पीतल उद्योग पर प्रतिकूल असर पड़ा। कामकाज लगभग ठप ही हो गया। वहीं नवरात्र के दौरान भी मंदिरों में पाबंदियों के चलते उम्मीद के अनुरूप कारोबार नहीं हुआ, लेकिन दीवाली के लिए बंपर ऑर्डर मिल रहे हैं।
खासतौर से छोटी डिजायनर घंटियों की जबरदस्त मांग आ रही है। इसे लेकर उद्यमियों और कारीगरों में उत्साह है। दिन-रात काम चल रहा है। एक माह से कारोबारियों को लगातार ऑर्डर मिल रहे हैं। इसमें 30 से 40 फीसद तक उछाल आया है। विभिन्न प्रकार की डिजाइनर घंटियों की मांग बढ़ गई है। खासतौर से कर्नाटक, केरल, तमिलनाडू, तेलंगाना से ऑर्डर ज्यादा मिल रहे हैं। कारोबारियों के मुताबिक दिवाली पूजन के दौरान वहां मंदिरों के लिए घंटे और घरों के लिए घंटियों की बिक्री बहुत होती है।