सकीट में इंद्र-इंद्राणियों के द्वारा शोभायात्रा निकालते जैन समाज के लोग ।
- फोटो : ETAH
सकीट। श्री दिगंबर जैन मंदिर में पार्श्वनाथ जिनबिंब प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत पंच कल्याणक महोत्सव का पांच दिवसीय आयोजन चल रहा है। दूसरे दिन भगवान पार्श्वनाथ का जन्म कल्याणक महोत्सव मनाया गया। दोपहर में इंद्र-इंद्राणियों के द्वारा कलश यात्रा निकालकर पांडुकशिला पर श्रीजी का अभिषेक पूजन किया गया। शुक्रवार को भगवान के तप कल्याणक के बाद दोपहर में आचार्य विशद सागर महाराज द्वारा जनसंत विरंजन सागर महाराज को मुनि दीक्षा प्रदान की जाएगी।
श्री दिगंबर जैन मंदिर परिसर में सुबह अभिषेक, शांतिधारा के बाद नित्य पूजन हुआ। इसके बाद भगवान पारसनाथ के जन्म कल्याणक की क्रियाओं को संपंन कराया गया। इस दौरान भगवान के जन्म की खुशियां मनाते हुए सौधर्म इंद्र, कुबेर सहित अन्य पात्रों पर पुष्पों की वर्षा की गई। दोपहर में पांडुक शिला पर इंद्रगणों द्वारा श्रीजी का अभिषेक पूजन किया गया। इस अवसर पर कलश यात्रा निकालकर खुशियां मनाई गई। शोभायात्रा में बैंडबाजों के साथ ही ऐरावत हाथी एवं बग्गी पर सवार होकर विधान के महापात्रों ने कस्बा भ्रमण किया।
बाजार में जगह-जगह लोगों ने एरावत हाथी तथा महापात्रों का आरती उतार फूलमाला पहनाकर व पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। कलश यात्रा मानिक चंद्र तिराह, मैन बाजार, पीपल अड्डा होते हुए मां कैलाशवती मैरिज होम पहुंची। कलशयात्रा में इंद्र-इंद्राणियों का दल पीत वस्त्रों में चल रहा था। वहीं अष्ट कुमारियों की टोली नृत्य करते हुए भक्ति में लीन थी। इस दौरान पार्श्वनाथ जिनबिंब प्रतिष्ठा महोत्सव में आचार्य विशद सागर महाराज ने धर्मसभा को संबोधित किया।