एटा। इस्राइल में इस समय हालात अच्छे नहीं हैं। पहले हिजबुल्ला अब ईरान से टकराव के बीच वहां आपदा के हालात बन रहे हैं। इस आपदा में अवसर की तलाश में एटा के रहने वाले बीपेश इस्राइल जाने की ख्वाहिश रखते हैं। आवेदन के बाद उन्होंने स्थानीय टेस्ट की बाधा पार कर ली है।
इस्राइल लंबे समय से संघर्षों से जूझ रहा है। उसे बड़े स्तर पर विभिन्न श्रमिकों की जरूरत है। इसके लिए भारत से भी सहयोग मांगा है। सेवायोजन विभाग लोगों से आवेदन प्राप्त कर उनका परीक्षण करा रहा है। निर्माण श्रमिक के लिए जिले के तीन लोगों ने आवेदन किया। इनमें से नीमखेड़ा के रहने वाले बीपेश कुमार को यहां से हरी झंडी मिल गई है। पासपोर्ट, अंग्रेजी का सामान्य ज्ञान आदि शर्तें उन्हें पूरी करनी होंगी। सेवायोजन विभाग और आईटीआई ने उनका प्रारंभिक टेस्ट भी करा लिया है, जिसमें वह पास हो गए हैं। अगला टेस्ट और प्रशिक्षण लखनऊ स्थित सेवायाेजन कार्यालय में होगा।
बीपेश ने बताया कि यहां दिहाड़ी पर करीब 700 रुपये मिलते हैं, लेकिन जरूरी नहीं रोज काम मिले। नौकरी 10000 से 15000 रुपये तक की मिलती है। तीन बच्चे, पत्नी, मां के परिवार का इतने रुपयों में ढंग से पालन-पोषण नहीं कर सकता। इसलिए इस्राइल जाने की ठानी है। 1.37 लाख रुपये प्रतिमाह वेतन की बात हुई है। फिरोजाबाद के 2 साथी फरवरी में गए थे। उस समय मैंने भी आवेदन किया था। लेकिन फ्लाइट के करीब 67 हजार रुपये फीस नहीं दे पाया, इसलिए नहीं जा सका था।