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Etah News: एक दूसरे का साथ उड़नछू कर देता है हर तनाव

Thu, 14 May 2026 11:40 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
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एटा के घंटाघर निवासी निर्मला राठी  और उनका परिवार के सदस्य। स्रोत स्वयं
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एटा। आज की भागदौड़भरी जीवनशैली और पैसे कमाने की मजबूरी में संयुक्त परिवार टूट रहे हैं। नौकरी और व्यापार के लिए भाई-भाई अलग-अलग शहरों में रह रहे हैं। एकल परिवारों की संख्या बढ़ रही है। इनका जीवन मोबाइल, लैपटॉप के इर्द-गिर्द सिमटकर रह गया है। इन सबके बीच कई परिवार ऐसे हैं, जो आज के दौर में भी मिसाल बने हुए हैं। इससें तीन-तीन पीढि़यां जैसे दादी, सास, बेटे, बहुएंं साथ-साथ रह रहे हैं। मनोचिकित्सकों की मानें तो ऐसे परिवारों के बच्चे अधिक संस्कारवान होते हैं। अपनों के बीच रहकर वह रिश्तों की अहमियत को समझते हैं।
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राठी परिवार के सभी सदस्य रहते हैं हंसी-खुशीघंटाघर निवासी निर्मला राठी का परिवार किसी बानगी से कम नहीं है। उनके चार बेटों मनोज राठी, अनुज राठी, अनूप राठी, मनमोहन राठी के परिवार में 25 से अधिक सदस्य हैं। मनोज राठी का निधन हो चुका है। उनकी पत्नी कामिनी राठी, बेटी मोहिनी राठी, अनुज राठी, उनकी पत्नी कुसुम राठी, बेटा राघव राठी यहीं रहते हैं। उनकी तीन बेटियों की शादी हो चुकी है। अनूप राठी और उनकी पत्नी रुक्मणि, दो बेटे मुदित और गोविंंद और बेटी नैना भी साथ में रहते हैं। मुदित की शादी हो चुकी है। उनकी पत्नी प्रियंका, बेटी दित्या भी परिवार में इसी घर में रहते हैं। चौथे बेटे मनमोहन राठी उनकी अपर्णा राठी, तीन बेटी मुस्कान, ईशा, भूमि भी इसी परिवार में रहती है। मनमोहन बताते हैं एक ही किचन में सभी का खाना बनता है। साथ रहने के बड़े फायदे हैं। सुरक्षा और आपात स्थिति में घर का हर सदस्य एक-दूसरे के साथ खड़ा रहता है।


25 सदस्य, सभी रखते हैं एक दूजे का ख्यालअलीगंज। गांव देहलिया पूठ निवासी जनता इंटर कॉलेज के पूर्व प्रवक्ता रामस्वरूप मिश्रा पुत्र रामसनेही मिश्रा का परिवार आज भी संयुक्त परिवार की परंपरा को पूरी मजबूती के साथ निभा रहा है। परिवार में करीब 25 सदस्य एक साथ रहते हैं और सभी का भोजन एक ही चूल्हे पर तैयार होता है। परिवार के सदस्यों का कहना है कि आपसी प्रेम, विश्वास और सम्मान ही उनके परिवार की सबसे बड़ी ताकत है। घर के सभी सदस्य सुख-दुख में एक-दूसरे का पूरा साथ निभाते हैं और हर छोटे-बड़े निर्णय मिल बैठकर लिए जाते हैं। परिवार में बच्चों को भी बुजुर्गों का सम्मान और संस्कारों की शिक्षा दी जाती है।
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आज भी साथ रहता है सत्यवीर गुप्ता का परिवार
अलीगंज के मोहल्ला रामप्रसाद निवासी सत्यवीर गुप्ता का परिवार भी संयुक्त रूप से रह रहा है। सत्यवीर सिंह कुल छह भाई हैं। पिता बाबूराम के निधन के बाद सबसे बड़ा होने के नाते उन्होंने परिवार को बांधकर रखा। वह सभी भाइयों को साथ लेकर चले। आज उनके परिवार के 20 से अधिक सदस्य एक साथ रहते हैं। सभी के बीच आपसी तालमेल भी बहुत अच्छा है।

मनोचिक्तिसक की राय
जब घर में कई पीढि़यां साथ रहती हैं और इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलता है। इस घर के बच्चे अधिक संस्कारवान और खुशहाल होते हैं। दिमाग विकसित होने की आयु में बच्चा दादी, माता-पिता, भाई, चाचा सभी के बीच रहने से रिश्ताें की अहमियत को समझता है। एकल परिवारों में लोग अकेलेपन की समस्या से जूझ रहे हैं। इनके कारण बयोवृद्धाें का स्वास्थ्य भी प्रभावित हो रहा है। संयुक्त परिवारों में जिम्मेदारी उठाने के लिए सब साथ होते हैं। ऐसे परिवारों के लोग एकल की अपेक्षा अधिक तनावमुक्त रहते हैं।
- वसुंधरा, मनोरोग विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज

एटा के घंटाघर निवासी निर्मला राठी  और उनका परिवार के सदस्य। स्रोत स्वयं

एटा के घंटाघर निवासी निर्मला राठी  और उनका परिवार के सदस्य। स्रोत स्वयं

एटा के घंटाघर निवासी निर्मला राठी  और उनका परिवार के सदस्य। स्रोत स्वयं

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