आगरा मेट्रो के दूसरे कॉरिडोर में बाधा बनी 132 केवी हाईटेंशन लाइन को 26 मीटर तक ऊंचा किया जाएगा। तीन विभागों के अधिकारियों ने इसकी रिपोर्ट बनाकर उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन काॅरपोरेशन लिमिटेड को भेज दी है। जल्द इसे ऊंचा करने की अनुमति मिलने की उम्मीद है। इसके बाद इसे सिंगल पोल पर ऊंचा किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल काॅरपोरेशन के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया कि दूसरा कॉरिडोर आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक बन रहा है। इसमें वाटरवर्क्स के पास 33 केवी की विद्युत लाइन को स्थानांतरित कर दिया है। इसे यमुना पुल के नीचे से गुजारा गया है। इसके आगे मंडी समिति पर 132 केवी की विद्युत लाइन गुजर रही है। इसके नीचे ही एलिवेटेड ट्रैक बनेगा। यहां पर फ्लाईओवर भी बना है।
ऐसे में हाईटेंशन लाइन को 26 मीटर तक ऊंचा किया जाएगा, तब इसके नीचे से ट्रैक बन सकेगा। इसके लिए उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन काॅरपोरेशन लिमिटेड, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया और यूपीएमआरसी पदाधिकारियों की टीम ने कई बार सर्वे भी किया है। इसकी अंतिम रिपोर्ट बनाकर भेजी जा चुकी है।
गुरु का ताल-सिकंदरा के लिए बिछ रही लाइन
मेट्रो के पहले कॉरिडोर में गुरु का ताल और सिकंदरा तक ट्रैक बन गया है। इन दोनों के स्टेशन बनाने का कार्य किया जा रहा है। इसके लिए महर्षिपुरम स्थित विद्युत केंद्र से दोनों स्टेशन के लिए विद्युत लाइन बिछाने का कार्य शुरू हो गया है। यहां बने केंद्र से ही दोनों स्टेशनों के लिए विद्युत लाइन की आपूर्ति होगी।