एटा। रुपये बदलने के लिए शहर से गांव तक बैंक शाखाओं के बाहर लंबी लाइनें लगीं हैं। आलम यह है कि सरकारी स्कूलों में खर्च के लिए बैंकों से रुपये नहीं निकल रहे। अन्नदाता खाद, बीज, पानी, डीजल को तरस गए हैं। वही ग्राहकोें के मुंह मोड़ने से बाजार बेजार हो गए हैं। सरकारी अस्पताल जरूर मरीजों और तीमारदारों के लिए राहत बनाए हुए हैं। मंगलवार को अमर उजाला टीम ने ग्रामीण क्षेत्र में हालात का जायजा लिया तो पता चला लोग मोदी सरकार के फैसले से लोग खुश हैं, लेकिन कतार में लगने के कारण गुस्सा भी बढ़ रहा है।
सीन नंबर एक (11:00 बजे)
जैथरा स्थित एसबीआई बैंक शाखा के बाहर महिलाओं और पुरुषों की लंबी लाइनें लगीं हैं। हर कोई बैंक में अंदर जाने के लिए बारी का इंतजार कर रहा है। पुलिस कर्मी एक-एक कर ग्राहकों की एंट्री करा रहे थे। बैंक मैनेजर नितिन सक्सेना ने कहा नई करेंसी नहीं आई है। पुराने 100 और 50 के नोट दे रहे हैं और अभी तक करोड़ों रुपये जमा हो चुके हैं। वहीं ग्रामीण बैंक में कैश नहीं होने से ग्राहक लौट रहे थे।
सीन नंबर दो (11:30 बजे)
तरगवां केनरा बैंक में मंगलवार सुबह तक 100 रुपये के नोट एटीएम से निकल रहे थे, लेकिन कैश फीड नहीं हुआ। ग्रामीण बैंक के बाहर अन्नदाता लाइन लगाए खडे़ थे। किसान खाद, बीज, डीजल, राशन खरीदने की बात कह रहे थे। पिंजरी स्थित केनरा बैंक में अमर उजाला टीम देख ग्रामीण एकत्र हो गए। बोले सुबह से लाइन में हैं, न काउटर से कैश मिल रहा और न ही एटीएम कैश दे रहा। प्रबंधक सौरव बोले ग्राहकाें को पैसा मिल रहा है।
सीन नंबर 3 (सेंट्रल बैंक मलावन 1:00 बजे)
महिलाएं और पुरुष खातेदार लाइन लगाकर बैंक के बाहर खड़े हैं। परिवार का दूसरा सदस्य पहले के थकने पर खुद लाइन में खड़े होने का इंतजार कर रहा है। आरोप है कि बैंक से 2000 तो छाड़ो मनमाने तरीके से 5000, 7000, 4000, 5000 रुपये खाते से निकाले जा रहे है।
सीन नंबर 4 (ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावत 01:30 बजे)
जनता उच्चतर माध्यमिक विद्यालय छछेना से शिक्षिका खुश्बू यादव स्कूल खर्च के लिए रुपये निकलने पहुंची थीं। आरोप है कि बैंक ने मुख्य ब्रांच एटा भेज दिया। इसके चलते वह सुबह छह बजे से लाइन में लगने के बाद दोपहर 1:30 बजे मुख्य ब्रांच से रुपये निकाले चली गईं। छछैना में भी ग्रामीण महिलाओं और पुरुष खातेदारों की बैंक के बाहर लंबी लाइन दिखाई दी।