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बच्चे फीरोजाबाद बाल सदन में है तो मां एटा जेल में बंद

Mon, 13 Jun 2016 10:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, एटा
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जवाहर कांड - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मथुरा के जवाहर कांड के बाद कई बच्चे फीरोजाबाद के बाल सदन में हैं तो उनकी मां एटा कारागार में बंद हैं। एटा जेल में बंद कुछ महिलाएं ऐसी भी हैं, जिन्हें अपने पति और बेटियों की चिंता सता रही है। उनकी कोई जानकारी इन महिलाओं के पास नहीं है। बाल सदन में पांच बच्चे ऐसे हैं, जिन्हें अपने मां-बाप का इंतजार है। सोमवार को बाल कल्याण समिति और चाइल्ड लाइन के प्रतिनिधियों ने बाल सदन एटा में काउंसलिंग के बाद किया है।
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चाइल्ड लाइन संस्था के निदेशक जफर आलम ने बताया कि एटा बाल सदन में मथुरा से आईं सात से अधिक महिला बंदियों की 12 से 16 साल की बेटियां गायब हैं। दोनो संस्थाएं उनकी बेटियों की तलाश में जुट गई है। हालांकि संस्था ने गायब बालिकाओं और किशोरियों के नाम नहीं खोले हैं। बताया कि एटा बाल सदन में बंद लखीमपुर निवासी पिंकी देवी और मालती देवी के दो बेटे, औरैया निवासी वृद्धा का नाती फीरोजाबाद राजकीय बाल गृह में है। संस्था ने बच्चों के फोटो दिखाकर शिनाख्त कराने की तैयारी में है। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष नीरा चौहान और सदस्य नूरुल इस्लाम ने बताया कि मथुरा, फीरोजाबाद और एटा बाल सदन में रखे गए 21 बच्चे ऐसे हैं, जो अपने मां-बाप से मिलने को तरस रहे हैं। संस्था के सदस्यों ने काउंसलिंग कर 18 बच्चों के जिलों का पता लगा लिया है, लेकिन उनके मां-बाप तक पहुंचने में कामयाबी नहीं मिली है। संस्था ने एटा जेल में बंद पांच बच्चों को शिशु गृह फीरोजाबाद में शिफ्ट करने की मांग जिला प्रशासन से की है।

एटा(ब्यूरो)। मथुरा से एटा जिला कारागार में पहुंची महिला बंदियों को उनके बच्चों के कारण बाल सदन में रखा गया है लेकिन रविवार शाम बाल सदन में सांप देखते ही भगदड़ मच गई। हालांकि बाल सदन में तैनात पुलिसकर्मियों ने सांप को मार दिया लेकिन उसका खौफ बच्चों और महिलाओं के चेहरे पर सोमवार को भी दिखाई दिया।
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बाल सदन में बंद महिलाओं और बच्चों की देखभाल के लिए शासन ने आगरा से विशेष प्रभारी करुणेश कुमारी को एटा बाल सदन का प्रभारी बनाकर भेजा है। करुणेश कुमारी ने बताया कि बच्चों के लिए कपड़ों की व्यवस्था हो गई है, लेकिन युवतियों और महिलाओं के लिए अभी भी परेशानी बनी हुई है। जिला कारागार प्रशासन से शेंपू, साबुन और महिलाओं के कपड़ों की मांग की गई।

गिरफ्तार महिलाओं के परिवारीजन सोमवार को बाल सदन एटा में बच्चों से मिलने पहुंचे। उन्हें देखते ही उनकी आंखें नम हो आईं। सोमवार को कन्नौज और सीतापुर महिला बंदियों के भाई और बेटियां मिलने आई थीं।
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