कानून नहीं जाग्रति लाने से मिलेगा नारी को सम्मान
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स्त्री पुरूष दोनों को समान अधिकार थे लेकिन समय चक्र के साथ नारी सिर्फ भोग की वस्तु बनती चली गई। अब फिर से समय आ गया है कि नारी को भोग की वस्तु न बनकर अपनी पहचान समाज को करानी होगी।
उक्त विचार प्रजापिता ब्रहमकुमारी ईश्वरीय विवि की मुख्य संचालिका बहन मनोरमा ने नगर के गंगा देवी माहेश्वरी भवन में आयोजित हुए बेटी बचाओ, सशक्त बनाओ कार्यक्रम में कहे। कार्यक्रम का शुभारंभ एसपी सुनील कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी श्रीनिवास मिश्र, सरोज बहन ने दीप प्रज्जवलित कर किया
एसपी सुनील कुमार ने कहा कि नारी की प्रताड़ना अधिकांशत: उसके घर में ही होती है। इसके लिए समाज की सोच में बदलाव जरूरी है। बीएस डायनामिक एकेडमी के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर समा बांध दिया।
बहन सरोज ने कहा कि सरकार ने कानून अवश्य बनाए हैं लेकिन समाज में नारी के सम्मान को पुन: प्रतिस्थापित करने के लिए जागृति लाना आवश्यक है।बेटी बचाओ सशक्त बनाओ अभियान इलाहाबाद से हल्द्वानी तक जाएगा। रानी लक्ष्मीबाई का स्वरूप भी आकर्षण का केंद्र रहा संयुक्त राष्ट्र संघ तक इस अभियान की आवाज पहुंचाने के लिए हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। अभियान दल के दौरान अवधेश भाई, संजीव भाई, राजपाल भाई, सर्वदा भाई, लता बहन, जिला विकास अधिकारी सेवाराम चौधरी, जिला प्रशिक्षण अधिकारी डा. पुनीत अग्रवाल, अमित कावरा, अनुराधा बहन आदि मौजूद रहे।