मुंसिफी कोर्ट: थम नहीं रहा वकीलों का आक्रोश
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मुंसिफी कोर्ट के स्थानांतरण को लेकर चल रही अधिवक्ताओं की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। एटा बार एसोसिएशन कार्यालय में स्थानांतरण के विरोध और जलेसर में स्थानांतरण के समर्थन में वकीलों ने न्यायिक कार्य नहीं किया। इससे वादकारी परेशान रहे।
एटा बार एसोसिएशन कार्यालय में वकीलों ने प्रदर्शन करते हुए कहा कि मुंसिफी कोर्ट का स्थानांतरण होने से लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। निधौलीकलां थाना क्षेत्र के लोगों सबसे ज्यादा परेशानी होगी।
वहीं जलेसर में तहसील अधिवक्ता संघ ने नारेबाजी कर जिला जज को फैक्स के माध्यम से ज्ञापन भेजा। अध्यक्ष केपी सिंह यादव ने कहा कि जलेसर में मुंसिफी न्यायालय का चयन नियमानुसार किया गया है। जनपद मुख्यालय के अधिवक्ताओ के द्वारा किया जा रहा विरोध न्याय संगत नहीं है। पूर्व अध्यक्ष रमेश पाल सिंह ग्वालियरा ने कहा कि मुंसिफी न्यायालय जलेसर में खुलने से अधिवक्ताओं का कोई विशेष लाभ नहीं है, लेकिन गरीब और मजलूम जनता को सस्ता और सुलभ न्याय मिलेगा। व्यापार प्रतिनिधि मंडल के नगर अध्यक्ष मनोज गुप्ता, जन सेवा समिति के अध्यक्ष शरद जैन, भाकियू भानू के प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रताप सिंह, मंडल महासचिव लखन यादव ने भी कोर्ट के स्थानांतरण का समर्थन किया। इस मौके पर सुनील दीक्षित, कैलाश मितल, लायक सिंह, पी सिंह यादव, सोवरन सिंह राजपूत, कमलेश सारस्वत, रघुवीर सिंह, उपेंद्र यादव, सुबोध जैन, विजय कुमार सिंह, राजाराम बघेल, राजेश शर्मा, संतोष यादव, रामदेव यादव आदि मौजूद रहे।