मेडिकल कॉलेज के बच्चा वार्ड में बुधवार को मरीजों को देखते डॉ. राहुल यादव व डॉ. आर्यन अवस्थी।
- फोटो : मेडिकल कॉलेज के बच्चा वार्ड में बुधवार को मरीजों को देखते डॉ. राहुल यादव व डॉ. आर्यन अवस्थी।
एटा। मौसम में बदलाव का सबसे अधिक असर बच्चों पर देखने को मिल रहा है। दूषित खानपान और वातावरण की वजह से डायरिया के साथ ही पीलिया व पेचिश भी हमला कर रहा है। बुधवार को ओपीडी में डायरिया के 200, पीलिया के 12 मरीज पहुंचे। जबकि बच्चा वार्ड में पेचिश के 2 मरीज भर्ती थे।
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में बुधवार को लगभग 800 मरीज आए, इनमें से लगभग 200 मरीज डायरिया से पीड़ित थे। अधिक परेशान मरीजों को मेडिसिन के पंचम तल पर स्थित वार्ड में भर्ती कराया गया है। वहां इस समय 50 मरीज भर्ती हैं, इनमें से 30 रोगी डायरिया से पीड़ित हैं। बच्चा वार्ड में भी 20 मरीज भर्ती हैं, जिनमें से अधिकांश को उल्टी-दस्त की शिकायत है।
बच्चा वार्ड में चिकित्सक राहुल यादव ने बताया कि बढ़ती गर्मी के साथ ही मौसम में हो रहे उतार-चढ़ाव की वजह से बच्चों की तबीयत बिगड़ रही है। इसी वजह से बच्चे डायरिया की चपेट में आ रहे हैंं। बुधवार को 2 बच्चे पेचिश से पीड़ित भी भर्ती किए गए। इनको उल्टी के साथ ही खूनी दस्त की शिकायत भी थी।
परामर्श दिया कि बच्चों को ताजा दूध पिलाएं, प्लास्टिक की बोतल की जगह स्टील के गिलास या किसी अन्य बर्तन का प्रयोग करें। बच्चे को समय-समय पर ताजा पानी और ओआरएस का घोल पिलाते रहें। डॉ. कावेरी उपाध्याय ने बताया कि बदलते मौसम में पीलिया की बीमारी की चपेट में भी लोग आ रहे हैं। बुधवार को ओपीडी में लगभग 12 मरीज पीलिया के आए। इनका उपचार किया गया। इससे बचने के लिए सुबह 9 से 11 बजे के बीच की धूप लें। साफ और ताजा पानी पिएं। दूषित भोजन न खाएं। बाहर के प्रदूषित खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।